Epstein files
वॉशिंगटन डीसी, एजेंसियां। यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी नई फाइलों में खुलासा हुआ है कि एक भारतीय लड़की भी उसका शिकार हुई थी। दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने उसे पीड़ित मुआवजा फंड से भुगतान दिलाने के लिए भारत में तलाश शुरू की थी।
13 जनवरी 2020 की एक ईमेल में अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत सामने आई है। इसमें भारत में मौजूद पीड़िता का पता और जानकारी जुटाने को कहा गया है, ताकी भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के जरिए उससे संपर्क किया जा सके। यह ईमेल एपस्टीन की अगस्त 2019 में जेल में हुई मौत के बाद की है।
‘एपस्टीन विक्टिम्स’ है टाइटल
रिलीज दस्तावेजों में इस मेल का टाइटल ‘एपस्टीन विक्टिम्स’ है, हालांकि अधिकारियों के नाम और कुछ जानकारियां छुपाई गई हैं।
दस्तावेज में अमेरिकी अधिकारियों से भारतीय लड़की और उसकी कॉन्टैक्ट डीटेल्स निकालने के लिए कहा गया है।
फाइल्स में पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन का भी जिक्र
नई फाइल्स में 5 जून 2014 को बिल गेट्स और एपस्टीन के बीच बातचीत की एक ईमेल शामिल है। इसमें एपस्टीन बिल गेट्स से पूछता है कि क्या डॉ. हर्ष वर्धन से 17 सितंबर को भारत में उनकी मीटिंग हैं। उस समय हर्ष वर्धन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री थे।
इसके अलावा 2 अप्रैल 2017 की एक ईमेल में भारत के PR कंपनी प्रमोटर दिलीप चेरियन का भी जिक्र है। इस मेल में एपस्टीन के सहयोगी गिनो यू ने उनसे पूछा कि क्या वे दिलीप चेरियन से मिलना चाहेंगे। ईमेल में लिखा है कि दिलीप पेरिस में 3 से 6 अप्रैल तक रहेंगे और उन्होंने 160 मिलियन अमेरिकी डॉलर में अपनी विज्ञापन और पीआर कंपनी बेची है।
महिला ने भारतीय बुजुर्ग की दी जानकारी
8 जुलाई 2010 की एक ईमेल में एक महिला ने एपस्टीन को अपने फ्लाइट अनुभव के बारे में लिखा। उसने बताया कि उसके पास बैठे एक बुजुर्ग भारतीय व्यक्ति ने शराब पी रखी थी और वह बार-बार उससे बात कर रहा था और छू रहा था।
मेल में लिखा है कि वह व्यक्ति सोने के बाद जागा और उसने महिला को गले लगाते हुए कहा कि वह उससे प्यार करता है।
बीजेपी के नेता हैं डॉ हर्षवर्धन
डॉ हर्षवर्धन भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और दो बार भारत के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।
एपस्टीन से 3-4 बार मिले थे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 फरवरी को बताया था कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे। यह बातचीत पूरी तरह से प्रोफेशनल थी, जो इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म और दूसरे इंटरनेशनल कामों से जुड़ी थी।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। पुरी ने कहा, जब मैंने मई 2009 से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला था, तब से लेकर 2017 में मंत्री बनने तक की अवधि के 30 लाख ईमेल जारी किए गए हैं। इस दौरान, केवल तीन या चार बैठकों का ही जिक्र मिलता है और मेरी बातचीत पूरी तरह से पेशेवर थी।
यौन अपराधी और अनिल अंबानी की चैट भी सामने आई
जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में अनिल अंबानी से जुड़े खुलासे हुए हैं। ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई। 9 मार्च 2017 की बातचीत में अनिल ने एपस्टीन से पूछा- क्या सुझाव है?
इस पर एपस्टीन ने लिखा- मुलाकात ‘मजेदार’ बनाने के लिए ‘लंबी स्वीडिश ब्लॉन्ड महिला’ बेहतर होगी। इसके बाद अंबानी ने जवाब दिया, ‘इसे अरेंज करो।’
यह बातचीत उस समय की है, जब एप्सटीन को पहले ही 2008 में नाबालिगों से जुड़े यौन आपराध के मामले में सजा मिल चुकी थी। इसके बावजूद एप्सटीन दुनिया के कई प्रभावशाली और ताकतवर लोगों के संपर्क में बना हुआ था।
रिकॉर्ड बताते हैं कि दोनों के बीच पेरिस और न्यूयॉर्क में मिलने की योजना बनीं। मई 2019 में अनिल अंबानी के न्यूयॉर्क दौरे के वक्त एपस्टीन ने उन्हें मैनहैटन स्थित अपने घर बुलाया, जहां दोनों मिले।
दूसरे ईमेल्स से यह भी पता चलता है कि अंबानी और एपस्टीन के बीच अंतरराष्ट्रीय यात्राओं, बिजनेस मीटिंग्स और वैश्विक मंचों पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर बातचीत हुई थी। इनमें पेरिस, न्यूयॉर्क और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के कार्यक्रमों में संभावित मुलाकातों का जिक्र है।









