Netanyahu is destroying Gaza:
गाजा, एजेंसियां। गाजा में जारी हिंसा और तबाही की तस्वीरें पूरी दुनिया देख रही है, जिसमें आम लोगों की जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। कई मुस्लिम देश इस संकट के लिए सीधे तौर पर इजरायल और उसके प्रधानमंत्री नेतन्याहू को जिम्मेदार ठहराते हैं और कड़ी निंदा करते हैं, लेकिन फिर भी कोई भी देश मिलकर इजरायल पर हमला करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। इसके पीछे कई राजनीतिक, रणनीतिक और आर्थिक कारण हैं। सबसे पहली वजह यह है कि कई मुस्लिम देशों के अमेरिका और यूरोप के साथ मजबूत रिश्ते हैं, जो इजरायल का समर्थन करते हैं।
अरब देशों के बीच आपसी मतभेद:
इसके अलावा, अरब देशों के बीच आपसी मतभेद और राजनीतिक असहमति भी उन्हें एकजुट होकर कदम उठाने से रोकती है। कई मुस्लिम देशों के इजरायल के साथ गुप्त व्यापारिक और सुरक्षा समझौते भी मौजूद हैं, जो खुले टकराव को मुश्किल बनाते हैं। दूसरी ओर, इजरायल की सैन्य ताकत और तकनीकी श्रेष्ठता भी एक बड़ा कारण है। छोटे आकार के बावजूद, उसके पास अत्याधुनिक हथियार, मिसाइल सिस्टम, मजबूत वायुसेना और परमाणु हथियार हैं, जो सीधे युद्ध में उतरने की हिम्मत कम करते हैं।
अमेरिका और यूरोप का दबाव भी मुस्लिम देशों पर है:
इसके साथ ही, अमेरिका और यूरोप का दबाव भी मुस्लिम देशों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। पश्चिमी देश संयुक्त राष्ट्र और अन्य मंचों पर इजरायल का समर्थन करते हैं और किसी भी विरोधी कार्रवाई पर आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगा सकते हैं। इसलिए, मुस्लिम देश फिलहाल केवल बयानबाजी तक सीमित रहकर गाजा में हो रही त्रासदी पर अफसोस जताते हैं, लेकिन इजरायल के खिलाफ मिलकर सैन्य कार्रवाई करने से बचते हैं। यह सारी जटिलताएं मिलकर इस संघर्ष को और गहरा और स्थायी बनाती हैं।
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