Mars ancient life evidence:
वाशिंगटन, एजेंसियां। नासा के पर्सेवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह पर एक ऐतिहासिक खोज की है। वैज्ञानिकों को लाल ग्रह पर एक प्राचीन समुद्र तट (Beach) के ठोस सबूत मिले हैं। यह खोज इस ओर इशारा करती है कि लगभग 3.5 अरब साल पहले मंगल ग्रह पर पानी मौजूद था और वहां जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां हो सकती थीं।यह अध्ययन इंपीरियल कॉलेज लंदन के नेतृत्व में किया गया है और इसके नतीजे Journal of Geophysical Research: Planets में प्रकाशित हुए हैं।
जेजेरो क्रेटर में रही विशाल झील
शोध के अनुसार, मंगल के जेजेरो क्रेटर में कभी एक विशाल झील मौजूद थी। पर्सेवरेंस रोवर ने क्रेटर के आंतरिक किनारे पर स्थित “मार्जिन यूनिट” क्षेत्र में लहरों से बने समुद्र तट जैसे भूवैज्ञानिक ढांचे खोजे हैं। ये संरचनाएं पृथ्वी पर पाए जाने वाले समुद्र तटों से काफी मिलती-जुलती हैं।
हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों से हुआ खुलासा
वैज्ञानिकों ने रोवर द्वारा ली गई हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों का विश्लेषण किया। इनमें गोलाकार रेत के दाने, ओलिविन और कार्बोनेट से भरपूर चट्टानें मिलीं, जो लहरों की वजह से घिसी हुई प्रतीत होती हैं। इसके अलावा चट्टानों में कटाव भी देखा गया, जो एक प्राचीन तटरेखा की पुष्टि करता है।
सतह के नीचे लंबे समय तक रहा पानी
अध्ययन में यह भी सामने आया कि मार्जिन यूनिट क्षेत्र में सतह के नीचे पानी लंबे समय तक सक्रिय रहा। प्रोफेसर संजीव गुप्ता के अनुसार, ऐसे हाइड्रोथर्मल वातावरण पृथ्वी पर सूक्ष्म जीवों के जीवन के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
मंगल पर जीवन की खोज की दिशा में बड़ा कदम
2021 से जेजेरो क्रेटर की खोज कर रहा पर्सेवरेंस रोवर अब तक कई चट्टानों और मिट्टी के सैंपल इकट्ठा कर चुका है, जिन्हें भविष्य में पृथ्वी पर लाया जाएगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये नई खोजें मंगल ग्रह पर प्राचीन जीवन की तलाश में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती हैं।











