Iran-Israel attack: ईरान-इस्राइल हमले में बुरी तरह घायल हुए मोजतबा खामेनेई

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Iran-Israel attack

तेल अवीव, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लगातार और गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बीच ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच Israel Defense Forces (आईडीएफ) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हाल ही में किए गए हवाई हमलों में मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वह ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के बेटे हैं और उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर भी देखा जाता है।

इस्राइली सेना का बड़ा दावा

इस्राइली सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार हाल के हमलों के दौरान ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसी दौरान किए गए एक हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई घायल हो गए। हालांकि आईडीएफ ने यह भी कहा है कि उनके पास ऐसी जानकारी है कि मोजतबा अभी जीवित हैं, लेकिन हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

नए सर्वोच्च नेता को लेकर अटकलें

इससे पहले ईरानी विपक्षी चैनल ने दावा किया था कि मोजतबा खामेनेई को ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के तौर पर चुना जा सकता है। बताया गया कि Assembly of Experts में इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई है। हालांकि कई वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरुओं को इस फैसले को लेकर संदेह है। उनका मानना है कि अगर मोजतबा को जल्द ही सर्वोच्च नेता घोषित किया जाता है तो अमेरिका और इस्राइल उन्हें सीधे निशाना बना सकते हैं।

कोम में अहम इमारत पर हमला

आईडीएफ के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डिफ्रिन ने बताया कि इस्राइल ने ईरान के पवित्र शहर Qom में स्थित उस इमारत को निशाना बनाया था, जहां 88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बैठकें होती हैं। यही संस्था ईरान के अगले सर्वोच्च नेता का चुनाव करती है।

और हमलों के संकेत

इस्राइली सेना ने संकेत दिया है कि यदि ईरान में नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया तेज होती है तो उसे रोकने के लिए आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

दसवें दिन भी जारी है संघर्ष

पश्चिम एशिया में चल रहा यह सैन्य टकराव अब दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है। मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बीच ईरान और इस्राइल के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस संघर्ष को लेकर चिंतित है, क्योंकि इसके कारण पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

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