Trump and Machado meeting
वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा 3 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा किए जाने की घटना ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। इसी पृष्ठभूमि में यह मुलाकात कूटनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नोबेल शांति पुरस्कार का पदक किया भेंट
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मचाडो ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का पदक भेंट किया है। मचाडो ने इसे अमेरिका और वेनेजुएला के बीच भाईचारे और तानाशाही के खिलाफ साझा संघर्ष का प्रतीक बताया। उन्होंने 1825 में अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के नायक मार्क्विस डे लाफायेट का उदाहरण देते हुए कहा कि यह भेंट लोकतंत्र और स्वतंत्रता के मूल्यों को दर्शाती है।
ट्रंप ने की मचाडो की सराहना
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मचाडो से मुलाकात को सम्मानजनक बताया। उन्होंने कहा कि मचाडो एक अद्भुत महिला हैं, जिन्होंने अपने देश के लिए बहुत कुछ सहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि मचाडो ने उनके कार्यों से प्रभावित होकर उन्हें अपना नोबेल शांति पुरस्कार का पदक दिया, जिसके लिए वह आभारी हैं।
नोबेल पुरस्कार के नियम क्या कहते हैं
नोबेल पुरस्कार के नियमों के अनुसार, पुरस्कार की घोषणा के बाद उसे न तो रद्द किया जा सकता है और न ही किसी अन्य व्यक्ति को स्थानांतरित किया जा सकता है। हालांकि, विजेता अपने पदक को भेंट, बेच या उधार दे सकता है, लेकिन नोबेल पुरस्कार विजेता की उपाधि हमेशा मूल विजेता के पास ही रहती है।
राजनीतिक मुद्दों पर नहीं हुई चर्चा
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट ने स्पष्ट किया कि इस बैठक में वेनेजुएला के चुनाव, राजनीतिक समर्थन या सत्ता परिवर्तन पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। यह मुलाकात व्यक्तिगत रूप से विचार-विमर्श और वेनेजुएला की वर्तमान स्थिति को समझने के लिए थी। मचाडो ने बैठक को सकारात्मक बताया और कहा कि ट्रंप वेनेजुएला के लोगों के दर्द को समझते हैं।











