State of the Union
वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति Kamala Harris ने राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन की तीखी आलोचना की है। उन्होंने ट्रंप के भाषण को “झूठ से भरा” बताते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रपति देश की वास्तविक स्थिति को छिपाकर अमेरिकियों को गुमराह कर रहे हैं।ट्रंप के संबोधन के एक दिन बाद हैरिस ने अपने शो The Parnas Perspective में कहा कि उन्होंने पूरा भाषण देखा और पाया कि यह आम अमेरिकी परिवारों की जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग था। उन्होंने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया कि देश की स्थिति मजबूत है।
महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
हैरिस ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, महंगी स्वास्थ्य सेवाएं और आवास की ऊंची कीमतें लोगों पर भारी पड़ रही हैं। उन्होंने मिसिसिपी में एक मां से मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि चार लोगों के परिवार के लिए उसका साप्ताहिक किराना बजट केवल 150 डॉलर था। हैरिस के मुताबिक, “वह अपने बच्चों को प्राथमिकता देती है और खुद वही खाती है जो बच जाता है। यही असली अमेरिका है।”
खर्च प्राथमिकताओं और टैक्स कटौती पर आलोचना
हैरिस ने ट्रंप की प्रस्तावित आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मेडिकेड में 1 ट्रिलियन डॉलर की कटौती और अमीरों के लिए समान राशि की टैक्स छूट सामाजिक असमानता को बढ़ाएगी। “यह बताता है कि प्राथमिकता किसे दी जा रही है,” उन्होंने कहा।
वोटिंग राइट्स और सेव एक्ट का विरोध
मतदान अधिकारों के मुद्दे पर हैरिस ने ‘सेव एक्ट’ का विरोध किया, जिसे ट्रंप कांग्रेस से पारित कराने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता पंजीकरण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट अनिवार्य किया जाता है, तो लाखों लोग मतदान से वंचित हो सकते हैं।
ईरान नीति पर जताई चिंता
विदेश नीति के संदर्भ में हैरिस ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता एक और युद्ध नहीं चाहती। “हम अपने बेटों और बेटियों को ऐसे संघर्ष में नहीं भेजना चाहते, जिसे टाला जा सकता है,” उन्होंने कहा।
क्या है ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’?
‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन अमेरिकी राष्ट्रपति का वार्षिक भाषण होता है, जिसमें वह कांग्रेस के सामने देश की स्थिति और अपनी विधायी प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं। यह भाषण अक्सर आगामी चुनावी बहसों की दिशा तय करता है और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय नीति पर व्यापक प्रभाव डालता है।







