वाशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भारतवंशी निक्की हेली का सफर खत्म हो गया है। उनके रेस से हटने के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन उम्मीदवारी का रास्ता साफ हो गया।
साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर और संयुक्त राष्ट्र में ट्रंप की एंबेसडर रही निक्की हेली ने रेस से हटने का फैसला तब किया जब रिपब्लिकन उम्मीदवारी के लिए मंगलवार को हुए महामुकाबले में उन्हें भारी हार का सामना करना पड़ा।
सुपर ट्यूजडे के नाम से कहे जाने वाले इस मुकाबले में 15 राज्यों में वोट पड़े थे, जिसमें 14 में हेली को हार का सामना करना पड़ा था।
निक्की हेली ने बुधवार को समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा अब समय आ गया है, जब मुझे अपना अभियान रोक देना चाहिए।
उन्होंने कहा, मुझे कोई पछतावा नहीं है। इसके साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति पद पर किसी भारतीय मूल की शख्सियत के पहुंचने के सपने पर भी फिलहाल के लिए विराम लग गया है।
भारतीय मूल की निक्की हेली ने बड़े जोर के साथ रिपब्लिकन उम्मीदवारी शुरू की थी। ट्रंप को टक्कर देने वाले बाकी उम्मीदवारों के मुकाबले वो काफी मजबूत थी।
हालांकि, शुरुआती समर्थन के बावजूद बाद में वे ट्रंप से पिछड़ती गईं और सुपर ट्यूजडे के नतीजों ने उन्हें उम्मीदवारी वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया।
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