India Jordan relations:
अम्मान, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन की अपनी आधिकारिक यात्रा को बेहद सफल बताया है। यात्रा संपन्न करने के बाद इथियोपिया रवाना होते समय पीएम मोदी ने कहा कि इस दौरे से भारत-जॉर्डन संबंधों को नई दिशा और मजबूती मिली है। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर पीएम मोदी राजधानी अम्मान पहुंचे थे, जहां दोनों देशों के बीच कई अहम समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए जॉर्डन की मेहमाननवाजी और दोस्ती के लिए वहां की सरकार और जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय बातचीत के दौरान रिन्यूएबल एनर्जी, वॉटर मैनेजमेंट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विरासत संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी है। पीएम मोदी के मुताबिक, इन प्रयासों से दोनों देशों के नागरिकों के लिए तरक्की और खुशहाली के नए रास्ते खुलेंगे।
भारत और जॉर्डन
यात्रा के दौरान भारत और जॉर्डन के रिश्तों की गर्मजोशी उस समय भी देखने को मिली, जब जॉर्डन के युवराज अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने प्रधानमंत्री मोदी को खुद गाड़ी चलाकर जॉर्डन म्यूजियम तक पहुंचाया। पीएम मोदी ने इसे एक खास अनुभव बताते हुए कहा कि युवराज ने उन्हें जॉर्डन के इतिहास और संस्कृति के विविध पहलुओं से अवगत कराया।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने क्राउन प्रिंस अल हुसैन के साथ हुई विस्तृत बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवराज का दृष्टिकोण बेहद प्रगतिशील है और युवा विकास, खेल, अंतरिक्ष, नवाचार और दिव्यांगों के कल्याण जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान सराहनीय है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता और विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
जॉर्डन यात्रा के समापन पर क्राउन प्रिंस अल हुसैन खुद एयरपोर्ट पहुंचे और प्रधानमंत्री मोदी को विदाई दी, जो भारत-जॉर्डन के मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।








