कहा- यह बोलने की आजादी के खिलाफ
लंदन, एजेंसियां। ब्रिटेन में कंगना रनोट की फिल्म ‘इमरजेंसी’ की स्क्रीनिंग के दौरान खालिस्तानियों के सिनेमा में घुसने और विरोध प्रदर्शन करने पर भारत ने नाराजगी जताई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस पर कहा कि बोलने की आजादी को रोका नहीं जा सकता। इसमें रुकावट डालने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
ब्रिटिश सांसद फिल्म स्क्रीनिंग के समर्थन में:
यह मुद्दा 23 जनवरी को ब्रिटिश संसद में भी उठा था। ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने स्क्रीनिंग पर रोक को ब्रिटेन के लोगों के अधिकारों का हनन बताया था। साथ ही उन्होंने खालिस्तानियों को गुंडा और आतंकवादी कह दिया था। उन्होंने कहा-मैं और मेरे कुछ साथी पैसे खर्च कर हैरो व्यू सिनेमा में फिल्म ‘इमरजेंसी ’ देखने गए।
फिल्म शुरू होने के लगभग 30-40 मिनट बाद, मास्क पहने हुए खालिस्तानी आतंकवादी अंदर आ गए और दर्शकों व सुरक्षा बलों को धमकाने लगे कि फिल्म की स्क्रीनिंग बंद की जाए। ऐसी ही घटनाएं वोल्वरहैम्पटन, बर्मिंघम,स्लौ, स्टेन और मैनचेस्टर में भी देखने को मिलीं।
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