Myanmar’s detention: म्यांमार के हिरासत केंद्रों में मानवता शर्मसार, UN रिपोर्ट में खौफनाक खुलासे

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Myanmar’s detention:

नेपिदाऊ, एजेंसियां। जिनेवा से सामने आई एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में म्यांमार के हिरासत केंद्रों में कैदियों के साथ हो रही अमानवीय यातनाओं का खुलासा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र जांचकर्ता निकोलस कौमजियान की अगुवाई में तैयार की गई इस वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में हिरासत में लिए गए कैदियों को बिजली के झटके, गला घोंटने, सामूहिक बलात्कार, निजी अंगों को जलाने और यौन हिंसा के गंभीर रूपों का शिकार बनाया गया।

जांच दल के अनुसार

जांच दल के अनुसार, उन्होंने न सिर्फ इन अत्याचारों के सबूत जुटाए हैं, बल्कि उन सुरक्षाकर्मियों और अपराधियों की पहचान में भी प्रगति की है जो इन अपराधों में शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आम नागरिकों को लड़ाकों या मुखबिर होने के आरोप में सरेआम मारा गया।

निकोलस कौमजियान ने कहा

निकोलस कौमजियान ने कहा, “यह रिपोर्ट म्यांमार में बढ़ते अत्याचारों और क्रूरता की ओर इशारा करती है। हमारा उद्देश्य है कि इन अपराधों के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।”

म्यांमार

म्यांमार में यह संकट फरवरी 2021 के बाद से और गहराया, जब सेना ने आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार का तख्ता पलट दिया। तब से देश गृहयुद्ध की चपेट में है और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो चुके हैं।संयुक्त राष्ट्र ने रखाइन राज्य में विशेष रूप से सेना और ‘अराकान आर्मी’ के बीच हो रहे अत्याचारों की नई जांच शुरू कर दी है।

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