Sindhu river:
इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश के कारण सिंधु नदी में बाढ़ आ गई है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इसके अलावा, कपास, तिल और मूंग जैसी फसलें भी जलमग्न हो गईं। कई गांवों में घर ढह गए, और ग्रामीण पशुओं को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बाढ़ का कहर
बाढ़ का पानी इतना बढ़ गया कि लेय्या-तौंसा ब्रिज को बचाने के लिए बनाए गए तटबंध भी बह गए। इससे निचले इलाकों में बसे गांवों और खेतों को भारी नुकसान हुआ है। कई कच्चे घर मलबे में बदल गए, और अब लोग खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। पिछले 24 घंटों में सरगोधा में 54 मिमी और फैसलाबाद में 31 मिमी बारिश हुई है, जबकि लाहौर, गुजरांवाला और रावलपिंडी जैसे शहरों में भी भारी बारिश हुई। तौंसा और आसपास के गांवों में कई घर गिर गए हैं।
सिंधु नदी में बाढ़
पंजाब की प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने सिंधु नदी और अन्य नदियों के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण रेड अलर्ट जारी किया है। इस समय सिंधु नदी में तौंसा और चश्मा के पास मध्यम स्तर की बाढ़ है।
जलवायु संकट की गंभीरता
यह बाढ़ पाकिस्तान के लिए एक बड़ा संकट बनकर उभरी है, जो जलवायु परिवर्तन और असामान्य मौसम के प्रभावों को उजागर करती है। पाकिस्तान पहले भी जलवायु परिवर्तन से प्रभावित रहा है, और 2022 में आई भयावह बाढ़ के बाद से अब तक वहां की सरकार बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना कर रही है।
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