Harvard University:
वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हजारों विदेशी छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के एडमिशन बैन करने वाले ट्रंप प्रशासन के आदेश पर अमेरिका की अदालत ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने इसे संविधान का उल्लंघन बताया है। अब हार्वर्ड को अंतरराष्ट्रीय छात्रों को वीजा देने की इजाजत मिल गई है, फिलहाल राहत जारी रहेगी।
Harvard University: दो मुकदमे दायर किये थे हार्वर्ड नेः
इससे पहले हार्वर्ड की ओर से मामले पर आपत्ति जताते हुए दो मुकदमे दायर किए गए थे।
अदालत के इस अहम फैसले से सिर्फ हार्वर्ड के छात्रों को ही राहत नहीं मिली है, बल्कि SEVP के तहत पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों को इसका लाभ मिल सकता है। इसका मतलब है कि अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर फिलहाल डिटेन और डिपोर्ट किए जाने का खतरा टल गया है और फिलहाल वे अपनी पढ़ाई को बिना किसी रुकावट के जारी रख सकते हैं।
Harvard University: सरकार ने दिया था ये आदेशः
इससे पहले अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (SEVP) की मान्यता खत्म करने का आदेश जारी किया। विभाग में सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने एक लेटर जारी करते हुए बताया कि अमेरिकी सरकार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के कैंपस में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की जानकारी मांगी थी, लेकिन नहीं दी गई।
खासतौर पर कैंपस में फिलिस्तीन के समर्थन में लगातार प्रोटेस्ट और इजरायल के विरोध में माहौल से संबंधित रिकॉर्ड और ऑडियो-विजुअल्स। विभाग की ओर से यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाया गया है कि इनमें कुछ विरोध प्रदर्शन में हमास समर्थक भावनाओं को बढ़ाया गया और इजरायल की आलोचना की गई।
Harvard University: F-1 वीजा के तहत दाखिला पर लगी थी रोकः
ट्रंप सरकार के इस फैसले का मतलब था कि हार्वर्ड, विदेशी छात्रों को F-1 वीजा के तहत दाखिला नहीं दे पाएगा। हार्वर्ड ने इसे ट्रंप सरकार के आदेश को अमेरिकी संविधान का उल्लंघन बताया और मैसाचुसेट्स की संघीय अदालत में तुरंत केस दायर कर दिया। फिर कुछ ही घंटों में अदालत ने ट्रंप प्रशासन के इस आदेश पर रोक लगा दी।
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