बर्लिन, एजेंसियां। जर्मनी की डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी भारत को सबमरीन और वॉरशिप (युद्धपोत) निर्माण में ग्लोबल हब बनाना चाहती है।
जर्मनी के साथ हुआ है सबमरीन समझौताः
बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय नौसेना और कंपनी के बीच छह डीजल-इलेक्ट्रिक स्टील्थ सब्मरीन के सौदे को लेकर बातचीत चल रही है।
जर्मन कंपनी ने भारत की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के साथ मिलकर 44,000 करोड़ रुपए (5 बिलियन यूरो) के सबमरीन सौदे के लिए जॉइंट बिडिंग की है।
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