Epstein File case: एपस्टीन कांड में नया खुलासा- लड़कियों को जबरन प्रेग्नेंट कराया, सेक्स के दौरान महिलाओं का गला घोंटा

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Epstein File case

इस्तांबुल, एजेंसियां। जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में एक बार फिर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने हाल ही में नई फाइलें जारी कीं, जिनमें नाबालिग लड़कियों और महिलाओं से दरिंदगी का खुलासा हुआ है।

शव फार्म हाउस में दफनाते थे

एक फाइल के अनुसार, दो विदेशी महिलाओं की मौत यौन संबंधों के दौरान गला घोंटे जाने से हुई थी। बाद में एपस्टीन के एक कर्मचारी ने इन्हें न्यू मैक्सिको स्थित फार्म हाउस ‘जोरो रैंच’ में दफना दिया। इसमें एपस्टीन की करीबी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल भी शामिल थी।

एक अन्य फाइल के अनुसार, एक नाबालिग लड़की ने खुद को ‘ह्यूमन इन्क्यूबेटर’, यानी अंडे सहेजने वाली मानव मशीन की तरह इस्तेमाल करने का दावा किया है। ईमेल के अनुसार, जोरो रैंच में लड़कियों को लंबे समय तक बंद रखा गया और उनसे जबरन गर्भधारण कराया गया।

पैदा हुए बच्चे गायब हो गये

युवतियों के से जबरन बच्चे पैदा कराए गए और जन्म के बाद ये बच्चे गायब हो गए। एक महिला ने आत्महत्या की कोशिश भी की थी। नई फाइलों में यह बात भी सामने आई है कि एपस्टीन से जुड़े कुछ सौदे पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम के बजाय बिटकॉइन जैसे क्रिप्टोकरेंसी माध्यमों से किए जाते थे।

फाइलों से नहीं हटे पीड़ितों के नाम-तस्वीरे

इस मामले से जुड़ी जांच फाइलों में न्याय विभाग की ओर से लापरवाही ठीक करने के दावों के बावजूद कई पीड़ितों की जानकारी और तस्वीरें अब भी सार्वजनिक हैं। ऐसी फाइलों में पीड़ितों की पहचान काले निशान लगाकर छिपाई जाती है।
नाबालिग पीड़ितों की तस्वीरें और फोन नंबर भी सामने आ गए। विभाग ने गलती मान ली है। फाइलों में रेडियो होस्ट और लेखक ब्रायन बिशप की एपस्टीन से ईमेल के जरिए हुई बातचीत का भी जिक्र है। इन ईमेल्स में बिशप ने एक ऐसे रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग मांगी थी, जिसे उन्होंने क्लोनिंग के करीब बताया।

एपस्टीन ने जवाब में निवेश को लेकर सहमति जताई थी, लेकिन परियोजना का चेहरा बनने से इनकार किया था। 30 जून 2014 के एक अन्य ईमेल में एक अज्ञात व्यक्ति की ओर से एपस्टीन को किसी को मारने की अनुमति देने जैसी बात लिखी गई है। हालांकि, ईमेल में इस पर एपस्टीन का जवाब स्पष्ट नहीं है।

ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल, स्टार्मर के इस्तीफे की मांग

इधर, एपस्टीन विवाद के चलते ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। वेल्स से लेबर पार्टी के एक सांसद ने प्रधानमंत्री से पद छोड़ने की मांग की है। स्टार्मर ने गुरुवार को उन लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है, जो एपस्टीन से जुड़े मामलों से आहत हुए हैं।

दरअसल, अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन की भी एपस्टीन फाइल्स में एक तस्वीर सामने आई है। इसमें मैंडेलसन एक महिला के साथ सिर्फ अंडरवियर और शर्ट पहने दिखे। वहीं महिला बाथरोब में है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ही दिसंबर 2024 में मैंडेलसन को वॉशिंगटन में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था। दावा है कि PM को मैंडेलसन और एपस्टीन के बीच दोस्ती की जानकारी पहले से थी।

दावा- ब्रिटेन में तत्कालीन भारतीय उच्चायुक्त के नाम का भी जिक्र

फाइलों में भारत के पूर्व उच्चायुक्त वाईके सिन्हा का नाम भी सामने आया है। सिन्हा उस समय ब्रिटेन में भारत के हाई कमिश्नर थे। बाद में 2020 में सरकार ने उन्हें भारत का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया था।
हालांकि, फाइलों में उनके नाम का उल्लेख किस संदर्भ में है, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सिन्हा की ओर से भी कोई बयान नहीं आया है।

एपस्टीन केस की पूरी कहानी

इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया।

जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है।

धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई।

जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं।

कम उम्र की लड़कियों को लेकर आता था

एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी।

हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था।

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