Epstein case survivor Rina Oh: “वो साइकोपैथ था, मैं फंस गई थी”, एपस्टीन केस की सर्वाइवर रीना ओह ने सुनाई आपबीती

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Epstein case survivor Rina Oh:

वॉशिंगटन, एजेंसियां। कुख्यात वित्त कारोबारी से जेफरी एपस्टीन जुड़े मामले में एक सर्वाइवर रीना ओह ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अब 40 वर्ष से अधिक उम्र की रीना ने बताया कि जब वह 1990 के दशक के अंत में 21 साल की थीं और एक आर्ट स्टूडेंट के रूप में करियर बनाने की कोशिश कर रही थीं, तब एपस्टीन उनके संपर्क में आया।रीना के मुताबिक, एपस्टीन ने उन्हें बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स की पढ़ाई के लिए बिना शर्त स्कॉलरशिप का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में उसने भरोसा दिलाया कि दोबारा मिलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन बाद में वह लगातार मिलने का दबाव बनाने लगा। जब रीना ने मना किया, तो स्कॉलरशिप वापस ले ली गई। रीना कहती हैं, “वो साइकोपैथ था… मैं फंस गई थी।”

फ्लोरिडा एस्टेट का खौफनाक अनुभव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रीना फ्लोरिडा स्थित एपस्टीन के एस्टेट पर गई थीं, जहां उन्होंने खुद को असहाय और डरा हुआ महसूस किया। उनके पास न तो पर्याप्त पैसे थे और न ही वहां से निकलने का साधन। उन्होंने बताया कि वहां एक तय “प्रोटोकॉल” था, जिसमें ज्यादातर लोगों को मसाज रूम में ले जाया जाता था।रीना का आरोप है कि एपस्टीन ने उन्हें धमकाया और कहा कि यदि उन्होंने किसी को कुछ बताया तो उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाया जाएगा। उनका कहना है कि एपस्टीन न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक और भावनात्मक दबाव भी बनाता था। इससे उबरने में उन्हें वर्षों लग गए।

जवाबदेही की मांग

रीना ने कहा कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता जरूरी है। उनका मानना है कि जिन प्रभावशाली लोगों के नाम फाइलों में हैं, उनसे शपथ लेकर पूछताछ होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक 20 लाख से अधिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं हुए हैं और उनमें क्या है, यह जानना बेहद जरूरी है।ब्रिटेन के शाही परिवार से जुड़े प्रिंस एंड्रू के मामले पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है, लेकिन अभी लंबा रास्ता बाकी है। रीना का आरोप है कि ताकत और पैसे वाले लोग कानूनी प्रक्रियाओं का फायदा उठाकर जवाबदेही से बच जाते हैं।

पहचान सार्वजनिक करने का फैसला

2019 में एपस्टीन की गिरफ्तारी के बाद रीना ने अपनी पहचान सार्वजनिक की, ताकि अन्य पीड़ितों को हिम्मत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन न्याय की लड़ाई के लिए जरूरी था। रीना का कहना है कि उनके लिए सच्चा इंसाफ तब होगा, जब हर नाम सामने आएगा और पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच होगी।

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