Donald Trump
वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा संकेत दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें वह ग्रीनलैंड की धरती पर अमेरिकी झंडे (US Flag) के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वांस भी मौजूद दिखते हैं। पोस्ट में ट्रंप ग्रीनलैंड को आधिकारिक रूप से अमेरिकी क्षेत्र (US Territory) घोषित करने का दावा करते दिखाई दे रहे हैं।
पोस्ट से क्या संकेत मिला?
ट्रंप की इस पोस्ट को ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावे और दबाव की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के दिनों में ट्रंप लगातार यह कह रहे हैं कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड बेहद जरूरी है। इसी तर्क के आधार पर उन्होंने ग्रीनलैंड पर “पूरा कंट्रोल” की बात दोहराई है।
बढ़ता अंतरराष्ट्रीय तनाव
वेनेजुएला से जुड़े हालिया घटनाक्रम के बाद अब ट्रंप की नजरें ग्रीनलैंड पर टिक गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की बात कही जा रही है। इस मुद्दे पर अमेरिका और कई यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
ग्रीनलैंड ने जताया विरोध
ग्रीनलैंड प्रशासन ने ट्रंप के बयानों और दावों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि वह अपनी स्वायत्तता से कोई समझौता नहीं करेगा। डेनमार्क ने भी संकेत दिए हैं कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले उसी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
आखिर ग्रीनलैंड इतना अहम क्यों?
ग्रीनलैंड आर्कटिक महासागर और उत्तरी अटलांटिक महासागर के बीच स्थित दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। यह कोई स्वतंत्र देश नहीं, बल्कि डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। यहां की आबादी करीब 57 हजार है और यहां हजारों वर्षों से इनुइट समुदाय रहता आ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्रीनलैंड में मौजूद दुर्लभ खनिज संसाधन, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा इसे अमेरिका के लिए बेहद अहम बनाती है।
ग्रीनलैंड ने जताया विरोध
ग्रीनलैंड प्रशासन ने ट्रंप के बयानों और दावों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि वह अपनी स्वायत्तता से कोई समझौता नहीं करेगा। डेनमार्क ने भी संकेत दिए हैं कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले उसी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।आखिर ग्रीनलैंड इतना अहम क्यों?ग्रीनलैंड आर्कटिक महासागर और उत्तरी अटलांटिक महासागर के बीच स्थित दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। यह कोई स्वतंत्र देश नहीं, बल्कि डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। यहां की आबादी करीब 57 हजार है और यहां हजारों वर्षों से इनुइट समुदाय रहता आ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्रीनलैंड में मौजूद दुर्लभ खनिज संसाधन, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा इसे अमेरिका के लिए बेहद अहम बनाती है।

