Cyclone Ditwa in Tamil Nadu:
कोलंबो, एजेंसियां। श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवात ‘दित्वा’ भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान भारतीय तट से टकराने से पहले ही कमजोर होकर गहरे अवदाब (डिप्रेशन) में बदल जाएगा और तमिलनाडु–पुडुचेरी तट से लगभग 30 किलोमीटर दूर ही खत्म हो जाएगा। इसके बावजूद तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई जिलों में भारी बारिश जारी है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और फसलों को नुकसान पहुंचा है।
पुडुचेरी में एक दिसंबर को सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। गृह मंत्री ए. नमस्सिवायम ने बताया कि भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। तमिलनाडु के कई जिलों विशेषकर नागपट्टिनम में पिछले तीन दिनों से लगातार जोरदार बारिश हो रही है। सुनामी नगर में कई घर मरम्मत के अभाव में जोखिम में हैं, जिनके प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में भेजा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार:
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात दित्वा कुड्डालोर से लगभग 90 किमी दक्षिण-पूर्व और पुडुचेरी से 90 किमी दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। आने वाले कुछ घंटों में इसके उत्तर की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ने की संभावना है। विभाग ने जानकारी दी कि उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं 60–70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जो बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी:
निजी मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि देर रात चक्रवात के चेन्नई के आसपास पहुंचने पर कांचीपुरम, तिरुवल्लूर, चेन्नई, चेंगलपट्टू और रानीपेट जिलों में भारी बारिश की संभावना है। राज्य सरकार के अनुसार अब तक वर्षा संबंधी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कावेरी डेल्टा के रामनाथपुरम और नागपट्टिनम जिलों में भारी बारिश के कारण कई निम्न इलाकों में जलभराव हो गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। एक दिसंबर तक समुद्री मौसम दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और तमिलनाडु–पुडुचेरी–दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर खराब रहने की संभावना है। चक्रवात के कमजोर होने की उम्मीद जरूर है, लेकिन इसके असर से दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों तक भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।



