Sarah Mulla Ooley first female bishop
लंदन, एजेंसियां। साराह मुल्लाीली इंग्लैंड के चर्च की पहली महिला बिशप बनीं। चर्च ऑफ इंग्लैंड के 1,400 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को आर्चबिशप ऑफ कैंटरबरी का पद दिया गया है।
इंग्लैंड चर्च के बिशप को दुनिया भर में एंग्लिकन कम्युनिटी का सबसे बड़ा स्पिरिचुअल गुरु माना जाता है।
जस्टिन वेल्बी मुल्लागली से पहले बिशप के पद पर थे। उनके खिलाफ शिकायत के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।
‘डेम कमांडर’ की उपाधि से हो चुकी सम्मानित
63 वर्षीय साराह 1999 से 2004 तक इंग्लैंड की चीफ नर्सिंग ऑफिसर रह चुकी हैं।
2005 में, नर्सिंग में उनके योगदान के लिए साराह को ब्रिटिश साम्राज्य की ‘डेम कमांडर’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।
2018 में लंदन के 133वें बिशप के रूप में चुने जाने से पहले, वह क्रेडिटन की बिशप थीं, ये पद उन्होंने 2015 से तीन साल तक संभाला था।
2 बच्चे हैं साराह के
साराह की शादी एमोन मुल्लाली से हुई है और उनके दो बच्चे हैं। सेंट पॉल कैथेड्रल में हुए समारोह में साराह मुल्लाथली को 106वें आर्कबिशप ऑफ कैंटरबरी का पद दिया गया।
