चीन समर्थक केपी ओली होंगे नेपाल के प्रधानमंत्री, कैसे होंगे भारत से संबंध [China supporter KP Oli will be the Prime Minister of Nepal, how will the relations with India be?]

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काठमांडू, एजेंसियां। नेपाल में कल पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड की सरकार गिरने के बाद केपी शर्मा ओली ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है।

द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक ओली ने नेपाली कांग्रेस के शेर बहादुर देउबा के साथ राष्ट्रपति को सरकार बनाने की अर्जी सौंपी है। उन्हें रविवार तक प्रधानमंत्री बना दिया जाएगा। उनका शपथ ग्रहण रविवार दोपहर तक हो जाएगा।

ओली और देउबा के बीच हुई डील के मुताबिक दोनों अगले चुनाव तक बारी-बारी पीएम पद पर बने रहेंगे। सरकार चलाने के लिए दोनों के बीच 7 पॉइंट्स का एग्रीमेंट बना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें एक पॉइंट संविधान में बदलावों को लेकर भी है।

जानिए कल क्या-क्या हुआ?

नेपाल में प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, वह संसद में विश्वासमत हासिल करने में नाकाम रहे। वे सिर्फ 1 साल 6 महीने ही प्रधानमंत्री रह पाए।

फ्लोर टेस्ट में उन्हें 275 में से सिर्फ 63 सांसदों का साथ मिला। नेपाल की नेशनल असेंबली के 194 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट किया। उन्हें सरकार बचाने के लिए 138 सांसदों के समर्थन की जरूरत थी।

दरअसल, इस महीने की शुरुआत में चीन समर्थक केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN-UML ने प्रधानमंत्री प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल से गठबंधन तोड़ लिया था।

इसके बाद उनकी सरकार अल्पमत में आ गई थी। नेपाल के संविधान के आर्टिकल 100 (2) के तहत उन्हें एक महीने में बहुमत साबित करना था। वे ऐसा नहीं कर पाए।

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