China rejects Trump peace board:
बीजिंग, एजेंसियां। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से प्रस्तावित गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। चीन ने स्पष्ट किया कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित वैश्विक व्यवस्था में ही भरोसा रखता है और उसी के तहत काम करता रहेगा।
चीन का बयान
भारत में चीन के दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, लेकिन चीन सच्चे बहुपक्षवाद के सिद्धांत पर कायम है। उन्होंने दोहराया कि United Nations के ढांचे, अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर के उद्देश्यों व सिद्धांतों पर आधारित व्यवस्था की रक्षा चीन की प्राथमिकता रहेगी।
गौरतलब है कि अमेरिका ने गाजा में जारी संघर्ष के बाद शांति स्थापना और पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का प्रस्ताव रखा है। यह बोर्ड गाजा पट्टी में शासन क्षमता विकसित करने, पुनर्निर्माण, निवेश और फंडिंग से जुड़े कार्यों की देखरेख करेगा। यह योजना ट्रंप द्वारा सितंबर 2025 में गाजा युद्ध समाप्त करने की रणनीति के तहत सामने रखी गई थी।
व्हाइट हाउस के अनुसार
व्हाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड ऑफ पीस में वे देश स्थायी सदस्य बन सकते हैं जो कम से कम एक अरब अमेरिकी डॉलर का योगदान देंगे। हालांकि, बिना भुगतान के भी कुछ देशों को तीन साल के लिए बोर्ड में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है।
अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के मुताबिक, अब तक 25 देशों ने बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार किया है। लेकिन चीन और फ्रांस ने इससे दूरी बना ली है, जिससे ट्रंप की इस पहल को कूटनीतिक स्तर पर झटका माना जा रहा है।

