Bangladesh election: बांग्लादेश चुनाव में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व पर चर्चा, चार हिंदू उम्मीदवारों की जीत

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ढाका, एजेंसियां। Bangladesh के 13वें संसदीय चुनाव में अल्पसंख्यक समुदाय की भागीदारी को लेकर खास चर्चा देखने को मिली। इस चुनाव में चार हिंदू उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, और सभी का संबंध Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) से रहा। वहीं जमात समर्थित एकमात्र हिंदू उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।बीएनपी, जिसका नेतृत्व Tarique Rahman कर रहे हैं, ने कुल 299 सीटों में से 211 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया। इसके विपरीत Jamaat-e-Islami Bangladesh 68 सीटों तक सीमित रही।

गायेश्वर चंद्र रॉय

प्रमुख विजेताओं में बीएनपी के वरिष्ठ नेता गायेश्वर चंद्र रॉय शामिल हैं, जिन्होंने ढाका-3 सीट से 99,163 वोट हासिल कर जमात उम्मीदवार मोहम्मद शाहिनुर इस्लाम को हराया। इसी तरह मागुरा-2 सीट से Nitai Roy Chowdhury ने 1,47,896 वोट पाकर जीत दर्ज की और पार्टी के भीतर अल्पसंख्यक समुदाय के प्रभावशाली चेहरे के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की।रंगामती संसदीय क्षेत्र से अधिवक्ता Dipen Dewan ने 31,222 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की। वहीं बंदरबन सीट से Saching Pru ने 1,41,455 वोट पाकर चुनाव जीता। इन जीतों को अल्पसंख्यक समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कृष्ण नंदी हारे

दूसरी ओर, जमात गठबंधन की ओर से खुलना-1 सीट पर चुनाव लड़ने वाले कृष्णा नंदी को 70,346 वोट मिले, लेकिन वे बीएनपी उम्मीदवार से हार गए। इस चुनाव में जमात द्वारा उतारा गया कोई भी अल्पसंख्यक उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका।विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव ऐसे समय हुआ है जब देश में सांप्रदायिक तनाव और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बहस जारी है। ऐसे में हिंदू उम्मीदवारों की जीत को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन के संदर्भ में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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