Avinash Sable: एथलेटिक्स में अविनाश साबले ने रचा इतिहास, स्टीपलचेज में भारत के लिए जीता सोना [Avinash Sable created history in athletics, won gold for India in steeplechase]

2 Min Read

Avinash Sable:

हांगझाऊ, एजेंसियां। रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करने वाले अविनाश साबले एशियाई खेलों में पुरूषों की 3000 मीटर स्टीपलचेस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरूष बन गए। 29 साल के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी साबले ने हांगझाऊ खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने 8:19.50 सेकंड में रेस पूरी की। उन्होंने 8:22.79 सेकंड का एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा जो 2018 जकार्ता खेलों में ईरान के हुसैन केहानी ने बनाया था। सुधा सिंह ने 2010 ग्वांग्झू एशियाई खेलों में महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।

Avinash Sable: हेप्टाथलन खिलाड़ी स्वप्ना पदक की दौड़ से बाहर

इससे पहले गत चैंपियन भारत की हेप्टाथलन खिलाड़ी स्वप्ना बर्मन चोटों से जूझने के कारण भाला फेंक स्पर्धा के बाद हेप्टाथलन स्पर्धा से पदक की दौड़ से लगभग बाहर हो गईं। भाला फेंक में 52.55 मीटर का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली स्वप्ना दो दिवसीय कड़ी प्रतियोगिता की इस स्पर्धा में 45.13 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास ही कर सकीं। सात स्पर्धाओं की इस प्रतियोगिता में अब सिर्फ एक स्पर्धा बची है।

स्वप्ना ने 2018 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय हेप्टाथलन खिलाड़ी बनने के दौरान जो दो स्पर्धाएं जीती थी उनमें भाला फेंक भी शामिल था। कुल मिलाकर स्वप्ना 4840 अंक के साथ चौथे स्थान पर चल रही हैं। रीढ़ की हड्डी की चोट से जूझने के बाद स्वप्ना पिछले साल संन्यास पर विचार कर रहीं थी लेकिन उन्होंने हांगझोउ में अपने खिताब की रक्षा करने और अंतिम बार एशियाई खेलों में उतरने का फैसला किया। स्वप्ना ने इस साल अंतर राज्यीय प्रतियोगिता जीती और एशियाई खेलों से पहले रजत पदक भी हासिल किया। ट्रेनिंग जारी करने के लिए उन्होंने सर्जरी नहीं कराने का फैसला किया।

इसे भी पढ़ें

पेरिस ओलंपिक: नीरज जेवलिन थ्रो के फाइनल में, विनेश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं