राष्ट्रगान विवाद के बाद ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला, पांच ईरानी महिला फुटबॉलरों को मिली शरण

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Iranian women footballers

रियाद, एजेंसियां। एएफसी एशियन कप 2026 के दौरान ईरान की महिला फुटबॉल टीम से जुड़ा एक विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। राष्ट्रगान न गाने की घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की पांच महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को मानवीय आधार पर वीजा देकर अपने देश में शरण दी है।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस फैसले को खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने जानकारी दी कि जिन खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया गया है, उनमें जहरा घनबारी, जहरा सरबली, फतेमेह पसंदिदेह, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी शामिल हैं। सरकार ने बताया कि इन खिलाड़ियों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उन्हें ऑस्ट्रेलिया में रहने की अनुमति दी गई है।

पढ़ाई और नौकरी करने की भी अनुमति

मानवीय वीजा मिलने के बाद ये खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई और काम दोनों कर सकती हैं। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि ईरान की अन्य महिला खिलाड़ी भी वहां रहना चाहें तो उनके लिए भी विकल्प खुले रखे गए हैं।इस मामले पर अमेरिका ने भी प्रतिक्रिया दी है। कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।

राष्ट्रगान न गाने से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा विवाद एएफसी एशियन कप 2026 के एक मैच के दौरान शुरू हुआ। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबले से पहले जब राष्ट्रगान बजाया गया, तब ईरान की महिला खिलाड़ी चुपचाप खड़ी रहीं और उन्होंने राष्ट्रगान नहीं गाया। इस घटना के बाद ईरान में इस कदम की काफी आलोचना हुई और कुछ लोगों ने खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।इस घटना के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और खेल प्रेमियों ने भी इस मामले में खिलाड़ियों के समर्थन में आवाज उठाई।

ऑस्ट्रेलिया में हुआ समर्थन

ऑस्ट्रेलिया में भी इस मुद्दे को लेकर लोगों ने खिलाड़ियों के समर्थन में प्रदर्शन किया। गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर कई लोगों ने ‘सेव अवर गर्ल्स’ के नारे लगाते हुए खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पुष्टि की कि पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा देकर देश में रहने की अनुमति दी गई है।

मैच में दक्षिण कोरिया की जीत

इस विवाद के बीच खेले गए मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने ईरान को 3-0 से हरा दिया। हालांकि मैच के नतीजे से ज्यादा चर्चा खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रगान न गाने और उसके बाद पैदा हुए राजनीतिक व सामाजिक विवाद को लेकर हो रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना खेल और राजनीति के जटिल संबंधों को भी उजागर करती है, जहां खिलाड़ियों के फैसले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का कारण बन सकते हैं।

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