Aliens existence truth:
वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलियन और यूएफओ (UFO) से जुड़े मुद्दों पर बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि उनकी सरकार अनजान हवाई घटनाओं (Unidentified Aerial Phenomena – UAP) और अनजान उड़ने वाली वस्तुओं (UFOs) से संबंधित सरकारी फाइलों की पहचान कर उन्हें सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। ट्रंप ने कहा कि वह युद्ध सचिव और संबंधित एजेंसियों को निर्देश देंगे कि इन दस्तावेजों की समीक्षा कर जरूरी जानकारी जारी की जाए।
ओबामा के बयान के बाद तेज हुई बहस
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में एलियंस को लेकर टिप्पणी की थी। ओबामा ने कहा था कि “वे असली हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है और न ही उन्हें एरिया 51 में रखा गया है।” ट्रंप ने ओबामा पर गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप लगाया और इसे “बड़ी गलती” बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि एलियन वास्तव में मौजूद हैं या नहीं।
वर्षों से उठती रही है पारदर्शिता की मांग
अमेरिका में लंबे समय से एरिया 51 और पेंटागन की रिपोर्ट्स को लेकर गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग होती रही है। हाल के वर्षों में कांग्रेस में UAP पर सुनवाई भी हुई है और कुछ वीडियो जारी किए गए हैं, जिनमें अनजान उड़ने वाली वस्तुएं दिखाई देती हैं। ट्रंप की बहू लारा ट्रंप ने भी हाल में दावा किया था कि राष्ट्रपति के पास एलियंस और अंतरिक्ष यानों से जुड़ा एक भाषण तैयार है, जिसे उचित समय पर साझा किया जाएगा।
सियासी समीकरण या पारदर्शिता?
ट्रंप के इस ऐलान को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सरकार की पारदर्शिता नीति का हिस्सा हो सकता है, जैसा कि उन्होंने पहले जॉन एफ कैनेडी की हत्या से जुड़ी फाइलों पर किया था। वहीं, आलोचकों का कहना है कि यह अन्य विवादों जैसे एपस्टीन फाइल्स से ध्यान हटाने की रणनीति भी हो सकती है।फिलहाल, ट्रंप और ओबामा के बयानों ने एलियन और UFO से जुड़े रहस्यों पर एक बार फिर वैश्विक बहस छेड़ दी है। अब दुनिया की नजर इस पर है कि अमेरिकी प्रशासन वास्तव में कितनी जानकारी सार्वजनिक करता है और क्या इससे दशकों पुराने रहस्यों पर से पर्दा उठ पाएगा।







