Malaysia hit by flu:
टोक्यो, एजेंसियां। मलेशिया में हाल ही में फ्लू का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में चिंता पैदा हो गई है। मलेशियाई शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, देश में लगभग 6,000 छात्र इन्फ्लूएंजा से संक्रमित हो चुके हैं। बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई स्कूलों को अस्थाई रूप से बंद करने का आदेश दिया गया है।जापान के बाद मलेशिया में यह फ्लू का दूसरा बड़ा प्रकोप माना जा रहा है। जापान में पिछले महीने से देशव्यापी फ्लू महामारी का सामना करना पड़ रहा है। वहां 130 से अधिक स्कूल, किंडरगार्टन और चाइल्डकेयर सेंटर बंद किए गए हैं। अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ देखी गई और 12 अक्टूबर तक लगभग 4,000 लोग अस्पतालों में भर्ती हुए।
मोहम्मद आजम अहमद ने कहा
मलेशियाई शिक्षा महानिदेशक मोहम्मद आजम अहमद ने कहा कि कोविड-19 महामारी के अनुभव के आधार पर स्कूलों में संक्रमण रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। छात्रों को फेस मास्क पहनने के लिए कहा गया है और बड़े समूहों में होने वाली गतिविधियों को कम किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अब तक कितने स्कूल बंद किए गए हैं, लेकिन संक्रमण के कई मामले दर्ज किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना
विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल फ्लू के मामले मौसम की अपेक्षा पांच सप्ताह पहले ही दिखाई देने लगे हैं। वायरस में नए बदलावों और म्यूटेशन के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह है कि लोग सालाना फ्लू का टीका लगवाएं और व्यक्तिगत स्वच्छता, मास्क पहनना तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
भारत में भी हाल के महीनों में म्यूटेटेड फ्लू का प्रकोप देखा गया है। दिल्ली-एनसीआर में अगस्त-सितंबर में H3N2 वायरस के कारण कई लोगों में वायरल बुखार और फ्लू के लक्षण पाए गए। सर्वेक्षण में लगभग 70% घरों में किसी न किसी सदस्य को फ्लू के लक्षण दिखे। विशेषज्ञों के अनुसार, नए म्यूटेशन के कारण संक्रमण पहले की तुलना में गंभीर हो रहा है।
मलेशिया और जापान में बढ़ते फ्लू मामलों से स्पष्ट होता है कि एहतियात और स्वास्थ्य जागरूकता की जरूरत पहले से अधिक हो गई है। स्कूलों में सतर्कता बरतने, टीकाकरण कराने और स्वच्छता के उपाय अपनाने से इस महामारी के खतरे को कम किया जा सकता है।
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