पूर्व उच्चायुक्त बोले- हर पाकिस्तानी का मजाक बना
इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान दिवस (23 मार्च) पर भाषण के दौरान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की जुबान लड़खड़ा गई। जरदारी एक-एक शब्द मुश्किल से पढ़ पा रहे थे। ‘कोशिश की जा रही है’ को उन्होंने ‘खुशी की चाह रही है’ कहा। वहीं, ‘बेशुमार कुर्बानी’ को वे ‘समर कुर्बानी’ बोल गए। भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने इसे हर पाकिस्तानी का मजाक बताया।
23 मार्च को PAK ने संविधान अपनाया था:
23 मार्च, 1956 को पाकिस्तान ने संविधान को अपनाया था। इसी दिन की याद में वहां पाकिस्तान दिवस मनाया जाता है। जरदारी अब 69 साल के हो चुके हैं। दुबई की यात्रा करते वक्त अक्टूबर 2024 में एक प्लेन से उतरने के दौरान सीढ़ियों पर उनका पैर फिसल गया था। उनकी टांग की हड्डी टूट गई थी। इसके बाद वे पहली बार सार्वजनिक तौर पर दिखे थे।
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