West Bengal election:
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियां पूरी गति से चल रही हैं। राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम जारी है और अंतिम सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होने की उम्मीद है। इसी बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को घोषणा की कि 1 मार्च 2026 से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 480 कंपनियों को राज्य में तैनात किया जाएगा।
चुनाव आयोग के अधिकारी ने क्या बताया?
चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य चुनावी क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखना, जनता में विश्वास सुनिश्चित करना और चुनाव संबंधी अन्य कर्तव्यों को सुचारू रूप से निभाना है। केंद्रीय बल न केवल मतदान केंद्रों और स्ट्रांग रूम्स की सुरक्षा करेंगे, बल्कि मतगणना केंद्रों में ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे।
पहले बैच में लगभग 240 कंपनियां 1 मार्च तक तैनात की जाएंगी, जबकि शेष 240 कंपनियां 10 मार्च तक राज्य में शामिल हो जाएंगी। इन कंपनियों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान शामिल होंगे।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सुरक्षा उपायों का उद्देश्य केवल चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। राज्य में राजनीतिक दल जैसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समेत अन्य पार्टियां अपनी चुनावी रणनीति अंतिम रूप देने में लगी हैं। केंद्रीय बलों की तैनाती से मतदाता और चुनाव अधिकारियों के बीच विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कुछ ही महीनों में होने वाले हैं और इससे पहले मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन और सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती समय पर सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है। अधिकारी ने यह भी बताया कि सुरक्षा बल चुनावी क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि मतदान और मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष हो।
इस तैनाती के साथ ही राज्य में चुनावी माहौल को नियंत्रित करने और मतदाताओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की तैयारी पूरी हो गई है। राजनीतिक दलों और आम जनता की निगाहें अब मार्च में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पर टिकी हैं।







