Bengal fire incident: बंगाल में मृतकों के परिजनों को मिलेगा 10 लाख मुआवजा

Juli Gupta
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Bengal fire incident:

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए पुलिस ने मोमो निर्माण इकाई और उससे जुड़े गोदाम के मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोलकाता के गरिया इलाके से पकड़ा गया, जहां वह घटना के बाद से गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने बताया कि बुधवार को उसे बारुईपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

आग लगने से मचा हाहाकार

यह हादसा उस वक्त हुआ, जब मोमो निर्माण इकाई और गोदाम में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई। अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से कई लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन आठ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री बिना फायर सेफ्टी क्लीयरेंस के चल रही थी। वहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किया गया था, जिसकी वजह से आग तेजी से फैल गई। पुलिस और प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए फैक्ट्री मालिक के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अवैध इकाइयों के खिलाफ अब व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

मृतकों के परिजनों को मुआवजा

इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि शवों की पहचान पूरी होने के बाद मुआवजा राशि परिजनों को सौंप दी जाएगी। कई शव बुरी तरह झुलस गए हैं, ऐसे में पहचान के लिए जरूरत पड़ने पर डीएनए टेस्ट कराने की अनुमति अदालत से ली जाएगी।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा

राज्य सरकार और प्रशासन ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए फायर सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर शहरी इलाकों में अवैध फैक्ट्रियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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