हिसार की गलियों से ओलंपिक पोडियम तक का सफर।
17 मार्च 1990 को हिसार में जन्मीं साइना ने मां का सपना पूरा करने के लिए सिर्फ 8 साल की उम्र में रैकेट थामा था।
लंदन 2012 में ब्रॉन्ज जीतकर साइना ने वो कर दिखाया जो आज तक कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं कर पाया था।
साल 2015 में साइना वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंचीं। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वे पहली भारतीय महिला बनीं।
2010 और 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड जीतकर उन्होंने साबित किया कि वे बड़ी चैंपियनशिप की खिलाड़ी हैं।
2018 में साथी खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप से शादी की। दोनों की जोड़ी बैडमिंटन जगत की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक है।
जनवरी 2026 में रिटायरमेंट का ऐलान कर साइना ने एक महान सफर को विराम दिया। वे करोड़ों भारतीयों की प्रेरणा रहेंगी।
JANUARY 2026