जानें कौन से वो नियम हैं जो अब इतिहास बन जाएंगे
यह 2022 के बाद का सबसे बड़ा अपडेट है, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।
पुराना नियम: अगर दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरता था, तो बल्लेबाजी टीम नया बल्लेबाज नहीं भेजती थी और खेल वहीं रुक जाता था।
नया नियम: अब दिन का आखिरी ओवर हर हाल में पूरा करना होगा, चाहे विकेट गिरे या नहीं। रोमांच कम न हो, इसलिए नए बल्लेबाज को क्रीज पर आना ही होगा।
अब हर फील्डिंग की गलती 'ओवरथ्रो' नहीं कहलाएगी:
ओवरथ्रो: सिर्फ तब माना जाएगा जब फील्डर विकेट की तरफ थ्रो फेंके और गेंद आगे निकल जाए। मिसफील्ड: अगर बाउंड्री पर गेंद रोकते समय हाथ से फिसल जाए, तो इसे सिर्फ मिसफील्ड माना जाएगा।
अब डेड बॉल के लिए गेंद का विकेटकीपर या गेंदबाज के हाथ में होना जरूरी नहीं है। अगर गेंद मैदान पर रुक गई है और अंपायर को लगता है कि रन लेने की गुंजाइश नहीं है, तो वह उसे 'डेड बॉल' घोषित कर सकता है।
अगर आप शॉट खेलने के बाद अपना बैलेंस खो देते हैं और खुद को संभालते-संभालते स्टंप्स पर गिर जाते हैं, तो अब आप आउट माने जाएंगे। इससे फर्क नहीं पड़ेगा कि गेंद उस वक्त कहाँ है।
आउट: अगर हाथ से बल्ला छूटकर सीधे स्टंप्स पर जा लगा। नॉट आउट: अगर बल्ला पहले विकेटकीपर या किसी फील्डर को छूकर स्टंप्स से टकराया। टकराव: अगर फील्डर से टक्कर होने की वजह से बल्लेबाज स्टंप्स पर गिरता है, तो वह आउट नहीं होगा।
Size-1: पुरुषों के सीनियर क्रिकेट के लिए (पारंपरिक वजन)। Size-2: महिला और बड़े उम्र के जूनियर खिलाड़ियों के लिए। Size-3: छोटे बच्चों के लिए सबसे हल्की गेंद।
महिला और जूनियर क्रिकेट को आसान बनाने के लिए स्टैंडर्ड तय किए गए हैं:
बल्ले की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, MCC ने 'Open-Age' क्रिकेट में टुकड़ों को जोड़कर बने लेमिनेटेड बैट के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। हालांकि, इंटरनेशनल लेवल पर अभी भी पारंपरिक बल्ले ही चलेंगे।
१. टेस्ट का आखिरी ओवर पूरा होगा। २. हिट विकेट के नियम सख्त हुए। ३. गेंदों के साइज और स्टैंडर्ड तय। ४. ओवरथ्रो और डेड बॉल की नई व्याख्या।
"ये बदलाव खेल की रफ्तार बढ़ाने और खिलाड़ियों के बीच की उलझनों को खत्म करने के लिए किए गए हैं।"