क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन की बोगी पर लिखे 5 अंकों का क्या मतलब होता है? यह सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि उस डिब्बे की पूरी कुंडली है!
हर रेलवे कोच या बोगी पर एक 5-अंकीय नंबर लिखा होता है। यह सीक्रेट नंबर दो भागों में बंटा होता है और हमें ट्रेन की उस बोगी के बारे में कुछ अहम बातें बताता है: 1 . डिब्बा कब बना? 2 . डिब्बा किस प्रकार का है?
नंबर के पहले दो अंक उस साल को दर्शाते हैं जिस साल कोच को बनाया गया था। उदाहरण: अगर नंबर '04052' है, तो '04' का मतलब है कोच 2004 में बना था। उदाहरण: अगर नंबर '12101' है, तो '12' का मतलब है कोच 2012 में बना था।
– 001-025: AC फर्स्ट क्लास (1A) – 051-100: AC 2-टियर (2A) – 101-150: AC 3-टियर (3A) – 151-200: AC चेयर कार (CC)
AC के बाद बारी आती है स्लीपर और जनरल डिब्बों की: – 201-400: स्लीपर क्लास (SL) - भारत का सबसे लोकप्रिय कोच! – 401-600: जनरल क्लास (GS/GEN) - अनारक्षित डिब्बा।
बाकी नंबर इन खास डिब्बों के लिए होते हैं: – 601-700: सेकंड क्लास सिटिंग / जन शताब्दी चेयर कार (2S) – 701-800: सिटिंग कम लगेज रेक (SLR) - गार्ड का डिब्बा और सामान रखने की जगह। – 801 से ऊपर: पैंट्री कार (भोजन यान), जेनरेटर कार, आदि।
जैसे 04052 C इसका मतलब है कि यह कोच 'सेंटर बफर कपलर' (CBC) तकनीक से बना है, जो ज्यादा सुरक्षित होता है और झटके कम लगते हैं। आजकल के नए LHB कोचों में यह आम है।
अगली बार जब आप ट्रेन यात्रा पर जाएं, तो कोच का नंबर देखकर अपने दोस्तों और परिवार को यह रोचक जानकारी जरूर दें। यह छोटी सी जानकारी आपकी यात्रा को और भी दिलचस्प बना सकती है!