ट्रेन के हॉर्न की आवाज शोर नहीं, एक 'कोड' है!

क्या आप जानते है की ट्रेन में लोको पायलट हॉर्न के अलग अलग आवाजों से अपना संदेश स्टेशन के लोगो तक पहुंचाते हैं। 

एक छोटा हॉर्न  (1 Short Horn)

जब आप एक छोटा सा 'बीप' सुनें, तो समझ जाइए कि ट्रेन यार्ड में है। यह सफाई और मेंटेनेंस स्टाफ के लिए संकेत है कि अब काम खत्म करें, इंजन हिलने वाला है।

दो छोटे हॉर्न  (2 Short Horns)

स्टेशन पर अक्सर सुना जाने वाला यह हॉर्न ड्राइवर का गार्ड को इशारा है। "मैं तैयार हूँ, क्या सिग्नल मिल गया है?" गार्ड के ओके कहते ही ट्रेन चल पड़ती है।

तीन छोटे हॉर्न  (3 Short Horns)

सावधान! यह एक इमरजेंसी संकेत है। इसका मतलब है कि ड्राइवर ने ट्रेन पर से अपना कंट्रोल खो दिया है। गार्ड को तुरंत अपने केबिन से 'हैंड ब्रेक' खींचने की हिदायत दी जाती है।

चार छोटे हॉर्न  (4 Short Horns)

अगर ट्रेन बीच रास्ते में रुक जाए और 4 बार छोटे हॉर्न बजे, तो समझ लें कि इंजन में कोई तकनीकी खराबी आ गई है या आगे पटरी पर कोई रुकावट है।

लगातार लंबा हॉर्न Continuous Long Horn

जब ट्रेन किसी स्टेशन पर नहीं रुकती, तो वह प्लेटफार्म पर आने से पहले यह हॉर्न बजाती है। यह यात्रियों के लिए चेतावनी है: "ट्रेन तूफ़ान की रफ़्तार से गुजरने वाली है, दूर रहें!"

एक लंबा और दो छोटे  (1 Long, 2 Short)

यह चैन पुलिंग (ACP) का संकेत है। जब कोई यात्री अलार्म चैन खींचता है, तो ड्राइवर यह हॉर्न बजाकर गार्ड और RPF को सूचित करता है कि ट्रेन किस वजह से रुकी है।

रुक-रुक कर लंबा हॉर्न (Intermittent Horn)

फाटक (Level Crossing) आने से पहले ड्राइवर यह हॉर्न बजाता है ताकि सड़क पर चलने वाले वाहन और लोग पटरी से दूर हो जाएं। सुरक्षा सबसे पहले!

छह बार छोटे हॉर्न  (6 Short Horns)

यह सबसे डरावना संकेत है। इसका मतलब है कोई बड़ा खतरा। लोको पायलट यह तब बजाता है जब सामने कोई बड़ी दुर्घटना होने वाली हो या पटरी टूटी हुई दिखे।

अगली बार गौर से सुनें!

ट्रेन का हॉर्न सिर्फ शोर नहीं, पटरियों की सुरक्षा का कवच है। भारतीय रेल की इस अद्भुत भाषा के बारे में क्या आपको पहले पता था? शेयर करें और दूसरों को भी बताएं!