सरहुल की परम्परा नहीं है DJ – जगलाल पाहन | Sarhul Festival Tradition | DJ in Sarhul Controversy

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सरहुल पर्व को लेकर एक बार फिर परंपरा और आधुनिकता के बीच बहस शुरू हो गई है। सरना धर्मगुरु जगलाल पाहन ने स्पष्ट कहा है कि सरहुल की परंपरा में DJ का कोई स्थान नहीं है। उनका कहना है कि यह पर्व प्रकृति पूजा और आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है, जिसमें पारंपरिक ढोल, मांदर और लोकगीतों का विशेष महत्व है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सरहुल जैसे पवित्र पर्व में आधुनिक DJ और तेज ध्वनि वाले उपकरणों से दूर रहें और अपनी परंपराओं को संरक्षित रखें। हाल के वर्षों में सरहुल जुलूसों में DJ के बढ़ते उपयोग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में चर्चा हो रही है। ऐसे में यह बयान सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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