PCOD fertility issues: महिलाओं के लिए जरूरी जानकारी: PCOS और PCOD में क्या है अंतर? मां बनने की राह में बन सकता है बाधक

Anjali Kumari
4 Min Read

PCOD fertility issues

रांची। आज के समय में कई लड़कियां और महिलाएं PCOS और PCOD जैसी समस्या से जूझ रही हैं। अक्सर लोग इन दोनों को एक ही बीमारी समझ लेते हैं, जबकि PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) और PCOD (Polycystic Ovarian isease) में अंतर होता है। सही जानकारी न होने के कारण इलाज में देरी भी हो जाती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि PCOS और PCOD क्या हैं, इनमें क्या फर्क है और इन्हें कैसे ठीक या नियंत्रित किया जा सकता है।

PCOD क्या है?

PCOD में महिलाओं की ओवरी (अंडाशय) सामान्य से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, जिससे अंडाणु सही तरीके से परिपक्व नहीं हो पाते। इसके कारण ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट (गांठ जैसी संरचना) बनने लगते हैं।

PCOD के मुख्य लक्षण

पीरियड्स का अनियमित होना
वजन बढ़ना
चेहरे या शरीर पर हल्के बाल बढ़ना
मुंहासे (पिंपल्स)
थकान और मूड स्विंग
अच्छी बात यह है कि PCOD जीवनशैली में बदलाव से काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

PCOS क्या है?

PCOS एक ज्यादा गंभीर हार्मोनल समस्या है। इसमें हार्मोन का असंतुलन अधिक होता है, खासकर एंड्रोजन (मेल हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है। इससे ओव्यूलेशन (अंडा निकलने की प्रक्रिया) प्रभावित होती है।

PCOS के मुख्य लक्षण

लंबे समय तक पीरियड्स न आना
बहुत ज्यादा वजन बढ़ना
चेहरे, छाती या पेट पर ज्यादा बाल
गंभीर मुंहासे
प्रेग्नेंसी में परेशानी
थायरॉइड, डायबिटीज़ और हार्ट की समस्या का खतरा
PCOS को पूरी तरह “खत्म” करना मुश्किल होता है, लेकिन सही इलाज और लाइफस्टाइल से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
जीवनशैली, हार्मोन हार्मोनल और मेटाबॉलिक से इलाज आसान हो सकता है। लाइफस्टाइल में बदलाव से इलाज संभव,
लंबे समय तक मैनेजमेंट करना पड़ सकता है।

गंभीर प्रभाव

प्रेग्नेंसी आमतौर पर संभव परथोड़ी मुश्किल हो सकती है।
PCOS और PCOD होने के कारणः
गलत खानपान (जंक फूड, मीठा ज्यादा)
शारीरिक गतिविधि की कमी
तनाव और नींद की कमी
हार्मोनल बदलाव
जेनेटिक कारण (परिवार में किसी को होना)
PCOS और PCOD को ठीक करने के उपायः
सही डाइट अपनाएं
हरी सब्ज़ियां, फल, दालें और साबुत अनाज खाएं
चीनी, मैदा, फास्ट फूड कम करें
प्रोटीन और फाइबर से भरपूर भोजन लें
ज्यादा तला-भुना खाने से बचें
नियमित एक्सरसाइज
रोज़ 30–45 मिनट वॉक
योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार
हल्की कार्डियो या डांस
व्यायाम से वजन नियंत्रित रहता है और हार्मोन बैलेंस होता है
वजन नियंत्रित रखें
थोड़ा सा वजन कम करना भी PCOS/PCOD में बड़ा फर्क ला सकता है। इससे पीरियड्स नियमित होने लगते हैं।

तनाव कम करें

ध्यान (Meditation)
पूरी नींद लें
मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करें
तनाव हार्मोन बिगाड़ देता है, जिससे समस्या बढ़ती है

डॉक्टर की सलाह ज़रूरी
हार्मोन टेस्ट
अल्ट्रासाउंड
जरूरत पड़ने पर दवाइयां
खुद से दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से सलाह जरूरी है।

घरेलू उपाय

दालचीनी पानी
अलसी के बीज
मेथी दाना (सीमित मात्रा में)
ध्यान रखें: घरेलू उपाय इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि सपोर्ट हैं।

क्या PCOS/PCOD में प्रेग्नेंसी संभव है?

हां, PCOD में ज्यादातर महिलाएं आसानी से मां बन सकती हैं। PCOS में थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन सही इलाज, धैर्य और डॉक्टर की मदद से प्रेग्नेंसी संभव है।

PCOS और PCOD सुनने में एक जैसे लगते हैं, लेकिन दोनों अलग समस्याएं हैं। समय पर पहचान, सही जानकारी और स्वस्थ जीवनशैली से इन्हें कंट्रोल किया जा सकता है। सबसे जरूरी है- घबराएं नहीं, खुद को दोष न दें और सही दिशा में कदम उठाएं।
अगर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो PCOS और PCOD के साथ भी स्वस्थ और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है।

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