रांची। रांची के मेन रोड में डेढ़ साल पहले हुई हिंसा मामले में सिविल कोर्ट ने 7 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। साल 2022 के जून महीने में रांची में हिंसा हुई थी। इस दौरान रांची के हिंदपीढ़ी के रहने वाले 2 लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी।
हिंसा के बाद एक दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इनमें से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई अब भी फरार हैं। रांची हिंसा में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर रांची पुलिस पर दबाव बनाया था।
हाईकोर्ट के दबाव के बाद कई लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। अब एक बार फिर हिंसा के आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सिविल कोर्ट ने 7 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। इनमें मो.नकीब, माजिद आलम, मो. सद्दाम, जमाल्लुदीन, खालिद उमर, मो. बेलाल और मो. हरीफ शामिल हैं।
यह है मामला
बीजेपी नेत्री नूपुर शर्मा के द्वारा प्रोफेट मुहम्मद पर दिए गए विवादित बयान के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे थे। रांची में भी मुस्लिम समुदाय के लोग जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन करने निकले। प्रदर्शनकारी इकरा मस्जिद से नमाज पढ़ कर मेन रोड के महावीर मंदिर की ओर बढ़ने लगे।
देखते ही देखते भीड़ हिंसक हो गई। महावीर मंदिर के पास नारेबाजी होने लगी। हिंसक भीड़ ने मंदिरों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। दूसरे पक्ष के लोग इसका विरोध करते हुए सड़क पर उतर आये। इसके बाद दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी। पुलिस प्रशासन की ओर से हिंसा को रोकने की कोशिश की गई। पुलिस पर भी पत्थर फेंके गये। फिर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से 2 लोगों की मौत हो गई थी।
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