बाबूलाल ने राज्यपाल को लिखा पत्र
रांची। झारखंड में मौजूदा राजनीतिक उठा पटक के बीच आज बुधवार को झारखंड प्रदेश भाजपा के सातो मोर्चा की संयुक्त बैठक हो रही है। बैठक में मौजूद प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने हेमंत सरकार पर जमकर हमला बोला।
बैठक शुरू होने से पहले बाबूलाल मरांडी और अमर बाउरी ने राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिये। मरांडी ने कहा कि मैंने इस संबंध में पहले ही राज्यपाल को चिट्ठी लिखी है। गांडेय विधानसभा के विधायक ने इस्तीफा दिया और उसे तुरंत स्वीकार कर लिया।
ऐसे में सवाल उठता है कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया ? बीमार वो है नहीं, बाहर कहीं जा नहीं रहे फिर इस्तीफा का कारण क्या हो सकता है। कोई भी साधारण व्यक्ति यह सोच सकता है समझ सकता है। पिछले दिनों राज्य के मुख्यमंत्री को ईडी ने सातवीं बार नोटिस दिया। सीएम भागे फिर रहे हैं। ऐसे में लगता है कि वह सीट किसी गैर विधायक के लिए खाली की गयी है, जो चुनाव लड़ सके उन्हें पता है कि किसी ना किसी दिन उन्हें अंदर जाना है।
वहीं, अमर बाउरी ने कहा कि बाबूलाल जी ने चिट्ठी लिखी उसमें उन्होंने संवैधानिक आधार को राज्यपाल के सामने रखा है। राज्य में संवैधानिक संकट का आधार है कि जो राज्य के मुखिया वह उनकी वजह से टकराव संस्थाओं के बीच हो रहा है। ईडी समन कर रही है सीएम अवहेलना कर रहे हैं।
एक गुंडा मवाली अगर नियम तोड़ता है तो समझ आता है, लेकिन एक सीएम जो संविधान की रक्षा की शपथ लेता है वही तोड़ता है, तो संकट पैदा होता है। राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता भी बदनाम हो रही है। यह समन निजी कारण से है। यह आंदोलन या विरोध प्रदर्शन का मामला नहीं है। सीएम के ऊपर भ्रष्टाचार का केस है।
इधर बाबूलाल मरांडी ने राज्य को पत्र लिखकर राज्य की मौजूदा हालात से अवगत कराया है। उन्होंने लिखा है कि मीडिया रिपोर्ट से साफ है कि विधायक सरफराज अहमद ने गांडेय सीट से इस्तीफा दे दिया है। माननीय अध्यक्ष द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया है।
चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस्तीफा दे सकते हैं और एक नये व्यक्ति को झामुमो विधायक दल के नेता के रूप में चुना जा सकता है। इसके बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया जायेगा। अगर यह होता है तो यह पूरी तरह से असंवैधानिक और गैर कानूनी है। यह भारत के संविधान के विचार, उद्देश्य और प्रावधानों का उल्लंघन होगा।
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