रांची। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाया गया बंद वापस हो गया है। आदिवासी संगठनों ने तर्क दिया है कि यदि हम बंदी के लिए सड़क पर निकले और किसी प्रकार की अनहोनी हो गई, तो तुरंत राष्ट्रपति शासन लगा दिया जायेगा।
ऐसी स्थिति से बचने के लिए बंद वापस लिया जा रहा है। भाजपा और आरएसएस यही चाहते हैं और हम उनकी मनोकामना पूरी नहीं होने देंगे। इन हालात में बंद वापस लिया जाता है। आदिवासी संगठनों ने आम नागरिकों से अपील की है कि जब तक नए मुख्यमंत्री शपथ नहीं लेते तब तक हमें सयंम बनाये रखें।
बता दें कि पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी संगठनों ने बुधवार देर रात बंद का ऐलान किया था। इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने खुद को बंद से अलग रखा था। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि यह उनकी पार्टी की ओर से नहीं बुलाया गया है। बंद के ऐलान के आलोक में रांची के निजी स्कूलों ने भी आननफानन में स्कूल बंद रखने का नोटिस जारी कर दिया।
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