अमन सिंह हत्याकांड: दो पिस्टल बरामद, जेलर सस्पेंड

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धनबाद। गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल पुलिस ने धनबाद जेल से बरामद कर ली है। जेल से दो पिस्टल बरामद हुई है। दोनों से अमन को गोली मारी गई है या फिर एक से, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। अमन सिंह पर कुल नौ गोलियां दागी गई थी, जिनमें से उसे छह गोली लगी। तीन गोली निशाने पर नहीं लगी थी। इससे इसकी संभावना बढ़ गई है कि एक से अधिक हत्यारों ने मिलकर गोली मारी है।

जेलर सस्पेंड

इधर लापरवाही बरतने वाले जेलर मो. मुस्तकीम अंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित एवं स्थानांतरित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलाने का निर्देश दिया गया है।

साथ ही मंडल कारा, चतरा के जेलर दिनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से धनबाद का जेलर बना दिया गया है। जेल आइजी उमाशंकर सिंह एवं आइजी सीआइडी असीम विक्रांत मिंज के निरीक्षण के बाद इसकी घोषणा की गई।

जेल आइजी ने बताया कि बरामद पिस्टल से ही अमन सिंह की हत्या हुई है। घटना के बाद जेल में जांच के दौरान दो पिस्टल के अलावा आधा दर्जन मोबाइल और 18 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।

अलग-अलग सेल में डाले गए कैदी

कैदियों में आपसी टकराव एवं गैंगवार की आशंका को देखते हुए अलग-अलग गुट के कैदियों को अलग-अलग सेल में डाल दिया गया है। इस मामले में अलग-अलग कुल चार प्राथमिकी हुई हैं।

कक्षपालों की कमी को देखते हुए सात कक्षपालों को दूसरे जेल से मंडल कारा धनबाद में पदस्थापित किया गया है। इधर न्यायिक जांच के लिए न्यायिक दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश से उपायुक्त ने किया है। साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी जांच के लिए लिखा गया है।

23 कैदी भेजे जायेंगे दूसरी जेलों में

वहीं धनबाद जेल के 23 कैदियों को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इधर वार्डो एवं सेल में छापेमारी और सीसीटीवी फुटेज की जांच 24 घंटे करने के लिए तीन टीम का गठन कर मंडल कारा में प्रतिनियुक्त किया गया है।

विदित हो कि झरिया के कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के पति नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में अमन सिंह धनबाद जेल में बंद था। इस मामले में नीरज सिंह के चचेरे भाई एवं झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह भी अभियुक्त हैं।

संजीव सिंह इलाज के लिए रिम्स रांची में भर्ती हैं। अमन सिंह की हत्या रविवार को धनबाद जेल में गोली मारकर कर दी गई थी। जेल प्रशासन ने बाइक चोरी के आरोप में जेल में बंद सुंदर महतो की पहचान गोली मारनेवाले के रूप में की है।

हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस आनंद सेन की पीठ ने धनबाद जेल में बंद कुख्यात अपराधी अमन सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

अदालत ने सरकार से पूछा है कि जेल में पिस्टल कैसे पहुंच गए और जेल की सुरक्षा में चूक का कारण क्या है? अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कारा महानिरीक्षक को आनलाइन अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि इस मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया है, जो घटना की जांच कर रही है। कारा महानिरीक्षक भी धनबाद गए हैं। अधिकारियों की टीम लौटेगी तो इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी।

अमन सिंह को मारी गई थीं नौ गोलियां

धनबाद मंडल कारा में कुख्यात शूटर अमन सिंह को नौ गोलियां मारी गई थीं। इनमें छह गोलियां उसके शरीर में लगीं, जबकि तीन गोलियां उसके पेट को छूते हुए निकल गईं। अमन के सिर में पांच गोलियां मारी गई थीं।

वहीं एक गोली पेट में धंसी, जो पेट के रास्ते सीने में जाकर फंस गई। पोस्टमार्टम के दौरान सीने से वह गोली निकाली गई। पोस्टमार्टम के लिए उपयुक्त वरुण रंजन के निर्देश पर मजिस्ट्रेट प्रेम कुमार की निगरानी में मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था।

सोमवार सुबह 10.30 बजे मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। दोपहर दो बजे के करीब पोस्टमार्टम खत्म हुआ। पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि अमन सिंह पर आठ इंच की दूरी से गोलियां चलाई गई थीं। उसके सिर और चेहरे पर लगातार पांच गोलियां मारी गईं, जिनमें एक गोली उसके सिर को भेदते हुए आरपार हो गई। वहीं चार गोलियां उसके पेट के बाईं तरफ मारी गई थीं। गोली लगते ही अमन सिंह की मौत हो गई थी।

उधर, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर अमन सिंह के भाई अजय सिंह और उसके पिता बैठे रहे। उसके गांव से भी कई लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। घटना पर वे जेल प्रशासन को कोसते रहे।

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