बिना टिकट ट्रेन यात्रा नियम
भारतीय रेलवे पुरे विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारतीय रेलवे अपने 68 हज़ार ज्यादा लम्बे रेल नेटवर्क की मदद से रोज़ाना करीब 2 करोड़ 40 लाख लोगो को गंतव्य तक पहुंचाती है।
- बिना टिकट ट्रेन यात्रा नियम
- प्लेटफार्म टिकट ले कर ट्रेन में चढ़ें – सबसे सरल और उपयोगी उपाय
- Railone ऐप का उपयोग कर सकते हैं (जो कि पहले UTS ऐप था)
- अगर आपके पास आपका मोबाइल फ़ोन न हो तब क्या कर सकते हैं?
- बड़े और महंगे ट्रेनों में नियम थोड़ी अलग होती है
- प्रीमियम ट्रेनों में बिना टिकट चढ़ने से पहले इन बातों का ध्यान रखें: (Vande Bharat, Shatabdi, etc.)
- मेल या फिर एक्सप्रेस ट्रेन, जिनमे स्लीपर या फिर AC क्लास के कोचेस हों, उनके लिए ये हैं नियम
- अगर टिकट Waitlist में है तब क्या करें
- जल्दबाज़ी में कन्फर्म टिकट लेने के और भी तरीके: Hidden Tricks
- क्या हैं भारतीय रेल के आधिकारिक नियम (जुर्माना एवं बोर्डिंग)?
- Railone ऐप (अनारक्षित टिकट प्रणाली) – त्वरित टिकट के लिए
- सारणी: जुर्माना शुल्क (Penalty Charges)
- “गार्ड मेमो” – आपात स्थिति में उपयोग होने वाली व्यवस्था
- “चार्ट लॉजिक” बनाम “करंट बुकिंग” प्रणाली
- Author Advice:
भारतीय रेलवे में यात्रा करने से पहले एक वैद्य टिकट लेने का प्रावधान है। इस वजह से अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल होता है कि ‘क्या इमरजेंसी में बिना टिकट ट्रेन पकड़ी जा सकती है?’ रेलवे का कानून, रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 138 के तहत बिना टिकट यात्रा करना दंडनीय है। और इसके लिए आपको कारावास की सजा सकती है। इसीलिए बिना टिकट ट्रेन यात्रा नियम जानना बेहद जरुरी है।
लेकिन आपातकालीन स्थितियों में आप बिना किसी तरह के जोखिम उठाये बिना टिकट ट्रेन पर चढ़ सकते हैं। ऐसा करने के के लिए कुछ चीजें आपको करनी होगी जो कि हमने विस्तार से इस लेख में बताया है। साथ हमने प्रीमियम ट्रेनों जैसे वन्दे भारत तथा शताब्दी के नियमों का भी वर्णन किया है। हम उन ‘इनसाइडर’ तकनीकी पहलुओं पर भी बात करेंगे जो एक यात्री को सुरक्षित और कानूनी यात्रा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।
प्लेटफार्म टिकट ले कर ट्रेन में चढ़ें – सबसे सरल और उपयोगी उपाय
देखिये, टेक्निकली और कानूनी तौर पर bina ticket train mein chadhna jurm hai, लेकिन इमरजेंसी स्थिति में भारतीय रेलवे ने ये रास्ता रखा है।
अगर आपके पास समय की कमी है, और ट्रेन के टिकट काउंटर पर लम्बी कतार के कारन आप अनारक्षित टिकट भी नहीं ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में आप एक प्लेटफार्म टिकट ले कर ट्रेन में में बिना टिकट चढ़ सकते है। लेकिन ट्रेन में चढ़ते ही TTE (Ticket Examiner) को ढूंढे और उसे प्लेटफार्म टिकट दिखाकर ट्रेन में यात्रा करने के लिए एक वैद्य टिकट बनवा लें।
प्लेटफार्म टिकट का फायदा होगा कि प्लेटफार्म टिकट इस बात का सबूत होगा कि आपने अपनी यात्रा उसी स्टेशन से शुरू की है।
प्लेटफार्म टिकट दिखाकर आप उस स्टेशन से लेकर अपने गंतव्य स्टेशन तक का टिकट बनवा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने स्टेशन से लेकर गंतव्य स्टेशन के बिच का मूल भाड़ा और साथ में रेलवे आधारित ₹250 रूपये का अतिरिक्त शुल्क फाइन स्वरुप देना होगा।
अगर आपके पास प्लेटफार्म टिकट नहीं है तब भी आप TTE से टिकट की मांग कर सकते हैं, पर इस स्थिति में आपको ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन लेकर आपके गंतव्य स्टेशन तक का भाड़ा + ₹250 रूपये का फाइन देना होगा। TTE के पास आपको अगले स्टेशन में उतारने का भी पावर होता है।
जरुरी बात: ये पेनाल्टी व्यवस्था सिर्फ जेनेरल या फिर अनारक्षित सीट के लिए ही लागु होगी। किसी भी अन्य तरह के सीटों जैसे वातानुकूलित अथवा स्लीपर क्लास के लिए सीट की उपलब्धता होने पर TTE अतिरिक्त शुल्क लेकर आरक्षित टिकट का व्यवस्था कर सकता है।
Railone ऐप का उपयोग कर सकते हैं (जो कि पहले UTS ऐप था)
आप ऐसी इमरजेंसी के स्थिति में या फिर स्टेशन के टिकट काउंटर के लम्बे कतार से बचने के लिए मोबाइल फ़ोन से अनारक्षित टिकट ले सकते है। इसके लिए आपको Railone ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा, इससे आप किसी भी स्टेशन के 2 – 3 किलोमीटर के दायरे के अंदर उस स्टेशन से किसी अन्य स्टेशन का एक अनारक्षित टिकट ऑनलाइन पेमेंट करके बुक कर सकते हैं।
जरुरी बात: Railone ऐप से पहले मोबाइल से अनारक्षित टिकट UTS ऐप से होती थी, लेकिन UTS ऐप 1 मार्च 2026 से हमेशा के लिए बंद होने वाला है। Railone ऐप हमेशा गूगल के ऑफिसियल गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें, क्यूंकि ब्राउज़र पर सर्च करने से आपको Railone ऐप के बहुत सारे नकली ऐप तथा वेबसाइट मिल सकते हैं। हमने आपके लिए ऑफिसियल ऐप की एक लिंक निचे दे रखी है।
यहाँ से ऑफिसियल Railone ऐप डाउनलोड करें।
Railone ऐप की कुछ सीमाएं हैं, जैसे कि टिकट बुक करने के बाद आपको 3 घंटे के अंदर ही अपनी यात्रा शुरू कर देनी होगी। टिकट बुक करने से पहले आपको दो विकल्प मिलते हैं कि आप कैसा टिकट बुक करना चाहते है प्रिंटेड या फिर पेपरलेस?
- Printed:
अगर आप प्रिंटेड टिकट बुक करते हैं, तो आपको टिकट प्रिंट करवाना अनिवार्य हो जाता है। हालाँकि Railone ऐप को पेपर बचाने के लिए ही बनाया गया था। फिर भी ये सुविधा उन लोगों के लिए है जो लोग किसी और के लिए अपने फ़ोन से टिकट बुक कर रहें हैं। - Paperless:
पेपरलेस विकल्प में आपको टिकट ऐप के अंदर ही मिल जाता है, इससे आप देरी होने की स्थिति में किसी तरह के टिकट प्रिंट करवाने के झमेले से बच जाते हैं। लेकिन पेपरलेस विकल्प में TTE को टिकट दिखाने के लिए आपका फ़ोन हमेशा आपके हाथ में होना जरुरी है साथ ही फ़ोन का चालू हालत में भी होना जरुरी है। घबराने की जरुरत नहीं है, भारतीय रेलवे ने अपने लगभग सारे ट्रेनों को अपग्रेड कर दिया है और फ़ोन चार्जिंग की व्यवस्था आपको ट्रेन के अंदर ही मिल जाएगी।
अगर आपके पास आपका मोबाइल फ़ोन न हो तब क्या कर सकते हैं?
अगर आप स्टेशन पर हैं और आपके पास आपका मोबाइल फ़ोन ना हो, तब इस स्थिति में स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगे Ticket Facilitation Centers” या “Automatic Ticket Vending Machines (ATVM) मशीनों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। ये मशीने आपको अनारक्षित टिकट के साथ प्लेटफार्म टिकट लेने में भी मदद कर सकते हैं। साथ ही में ये ATVM मशीनें टिकट काउंटर से फ़ास्ट होते हैं बिना किसी अतिरिक्त शुल्क दिए टिकट भी निकल देते हैं।
चूँकि ये Ticket Facilitation Centers किसी तीसरे व्यक्ति के द्वारा संचालित होता है तो आपको किसी किसी स्टेशन पर बुकिंग एजेंट्स भी मिल जाते हैं, जो कि आपको टिकट लेने में सहायता कर देते हैं। अगर आपके पास पैसे कैश में हों तो ये एजेंट्स काफी मददगार साबित होते हैं।
बड़े और महंगे ट्रेनों में नियम थोड़ी अलग होती है
कुछ खास ट्रेनों जैसे Shatabdi, Rajdhani, Duronto, aur Vande Bharat जैसे प्रीमियम और बड़े ट्रेनों का नियम थोड़ा अलग और आम ट्रेनों की अपेक्षा थोड़ी सख्त भी होती है। क्यूंकि इनमें जनरल कोचेस (General Coaches) नहीं होते हैं। इन ट्रेनों में सिर्फ आरक्षित सीटें ही होती हैं। और किसी भी तरह से अगर आप बिना किसी भी तरह से एक वैद्य आरक्षित टिकट के चढ़ते हैं तो आपको ‘बिना टिकट’ (Without Ticket) की केटेगरी में डाला जायेगा।
प्रीमियम ट्रेनों में बिना टिकट चढ़ने से पहले इन बातों का ध्यान रखें: (Vande Bharat, Shatabdi, etc.)
चूँकि इन ट्रेनों में जनरल कोचेस या फिर स्लीपर कोचेस नहीं होती इस कारन से आप बिना किसी वैद्य आरक्षित टिकट या RAC टिकट के नहीं चढ़ सकते। कानून भी थोड़े सख्त होते हैं इन ट्रेनों में। तो फिर प्रीमियम ट्रेनों जैसे कि वन्दे भारत या फिर अमृत भारत जैसे ट्रेनों में बिना टिकट चढ़ने की गलती ना ही करे तो बेहतर होगा।
- वैद्य आरक्षित टिकट किसे कहते हैं?
- आपकी आरक्षित टिकट कन्फर्म हो या फिर RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट हो। RAC टिकट तब मिलती है जब कोई कनफर्म्ड टिकट कैंसिल की जाती है। इसमें आपको किसी अन्य पैसेंजर के साथ अपनी सीट शेयर करनी पड़ सकती है।
- क्या प्लेटफार्म टिकट ले कर प्रीमियम ट्रेन में चढ़ सकते हैं?
- ऐसे तो इसका जवाब क़ानूनी रूप से नहीं होगा। क्यूंकि ऐसे ट्रेनों में प्लैटफॉर्म टिकट के साथ चढ़ना सख्त मना है। लेकिन फिर भी अगर आप चढ़ गए हैं तो तुरंत TTE को ढूंढे या फिर उनसे संपर्क करें। वरना पकड़े जाने की स्थिति में TTE आपसे ट्रेन के ओरिजिन स्टेशन से लेकर ट्रेन के आखिरी स्टेशन तक का किराया और साथ ही एक भारी भरकम फाइन वसूल सकता है।
- TTE के पास क्या पावर होती है?
- TTE आपको बिना टिकट के पकड़े जाने की स्थिति में अगले स्टेशन पर ट्रेन से निचे उतार सकता है, साथ ही में आपसे फाइन भी वसूल सकता है।
मेल या फिर एक्सप्रेस ट्रेन, जिनमे स्लीपर या फिर AC क्लास के कोचेस हों, उनके लिए ये हैं नियम
मेल या फिर एक्सप्रेस ट्रेनों में आपको स्लीपर या AC कोचेस मिल जाएँगी इस लिए प्रीमियम ट्रेनों के मुताबिक काम थोड़ा आसान होगा। पर पेनाल्टी हर स्थिति में लगने वाली है। ट्रेन का असली भाड़ा तब भी देना पड़ेगा। और सज़ा से बचना है तो TTE को खुद से ढूंढे। TTE के आने का इंतज़ार ना करें। खुद TTE को ढूंढने से आपका दो फ़ायदा है। पहला, आपको TTE से बात करने में आसानी होगी और आपको सजा नहीं होगी। दूसरा, आपकी सीट मिलने की संभावना भी ज्यादा होगी। ऐसा क्यों होगा जानने के लिए आगे पढ़िए, अगर जल्दी है तो हमारा कहा फॉलो कीजिये।
अगर टिकट Waitlist में है तब क्या करें
- Waitlisted Ticket:
अगर आपने टिकट स्टेशन के काउंटर से बनवाया है और टिकट वैटलिस्ट में है, तो आप TTE से थोड़ा अदब से बात करके सीट खाली होने पर आरक्षित करवा सकते हैं। - Online Waitlist Ticket:
अगर आपने टिकट ऑनलाइन बनवाया है और चार्ट बन गया, तो वो अपने आप कैंसिल हो जायेगा। ऐसे में ट्रेन पर चढ़ना ‘बिना टिकट’ माना जायेगा।


जल्दबाज़ी में कन्फर्म टिकट लेने के और भी तरीके: Hidden Tricks
- Current Booking:
ट्रेन निकलने से आधे घंटे पहले तक “Current Booking” काउंटर स्टेशन पर खुला रहता है। वहां से आपको कन्फर्म सीट मिल सकती है, अगर ट्रेन में सीट खली हो तब। बहुत काम लोग ये बात जानते हैं की ट्रेन में सीट बुकिंग के लिए एक लास्ट विकल्प करंट बुकिंग भी होता है। ये तत्काल बुकिंग से अलग है। तत्काल बुकिंग हम ट्रेन के खुलने से एक दिन पहले करते हैं, इसमें सीट मिलने की संभावना ज्यादा होती है। - IRCTC Website/App:
ये बात भी बहुत कम लोग जानते हैं कि चार्ट बनने के बाद भी, अगर सीट खाली है, तो भी IRCTC के ऐप पर ऑनलाइन टिकट बुक हो सकता है। आपको बस IRCTC ऐप में “TRAIN Charts” देख कर खाली सीटों के लिए बुकिंग कर सकते हैं।
क्या हैं भारतीय रेल के आधिकारिक नियम (जुर्माना एवं बोर्डिंग)?
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 138 के अंतर्गत यदि कोई यात्री वैध टिकट के बिना ट्रेन में चढ़ता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है।
- जुर्माना विवरण:
बिना टिकट यात्रा करने पर, बोर्डिंग स्टेशन से लेकर जहां पकड़े गए हैं वहां तक का किराया + 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। - आधिकारिक लिंक:
Indian Railways – Passenger General Information - कमर्शियल सर्कुलर:
आप यहां से नवीनतम नियम और शुल्क डाउनलोड कर सकते हैं:
Railway Board Circulars
Railone ऐप (अनारक्षित टिकट प्रणाली) – त्वरित टिकट के लिए
यदि आप लाइन में खड़े नहीं होना चाहते, तो Railone ऐप आधिकारिक और सबसे तेज तरीका है। इसकी जानकारी और सामान्य प्रश्न (FAQ) यहां उपलब्ध हैं:
- Railone on Mobile (FAQ):
Railone Mobile Ticket Rules
इसमें आप पेपरलेस टिकट का विकल्प चुन सकते हैं, जो तुरंत मान्य हो जाता है।
सारणी: जुर्माना शुल्क (Penalty Charges)
| स्थिति | कार्रवाई / जुर्माना | संदर्भ |
|---|---|---|
| बिना टिकट यात्रा | किराया + ₹250 जुर्माना | धारा 138 (रेलवे अधिनियम) |
| प्लेटफॉर्म टिकट के साथ यात्रा | टिकट बनाया जाएगा + ₹250 जुर्माना | सामान्य नियम |
| प्रीमियम ट्रेन (वंदे भारत आदि) | पूरा किराया (एंड टू एंड) + ₹250 जुर्माना | विशेष श्रेणी नियम |
| वरिष्ठ नागरिक कोटा का दुरुपयोग | पूरा किराया + जुर्माना | कमर्शियल सर्कुलर |
“गार्ड मेमो” – आपात स्थिति में उपयोग होने वाली व्यवस्था
यह जानकारी सामान्यतः ब्लॉग या सामान्य इंटरनेट खोज में आसानी से नहीं मिलती।
नियम:
यदि ऐसी स्थिति हो जहां टिकट काउंटर बंद हो और आपके पास मोबाइल फोन भी न हो, तो आप ट्रेन के गार्ड के केबिन (ट्रेन का अंतिम डिब्बा) में जाकर एक मेमो का अनुरोध कर सकते हैं।
प्रक्रिया:
गार्ड एक छोटी पर्ची पर यह लिखकर दे सकता है कि आपने इस स्टेशन पर आपात स्थिति में ट्रेन में प्रवेश किया है। यह पर्ची आपको टीटीई द्वारा लगाए जाने वाले जुर्माने से नहीं बचाती, लेकिन यह साबित करने में मदद करती है कि आपका उद्देश्य बिना टिकट चोरी से यात्रा करना नहीं था। इससे जेल की कार्यवाही से बचाव हो सकता है और सामान्यतः केवल जुर्माना लगाया जाता है।
“चार्ट लॉजिक” बनाम “करंट बुकिंग” प्रणाली
तकनीकी दृष्टिकोण से यह समझना रोचक हो सकता है।
अंतर (Gap):
जब ट्रेन का चार्ट बनता है (लगभग 4 घंटे पहले), तब आईआरसीटीसी वेबसाइट पर Chart Prepared दिखाई देता है। लेकिन सिस्टम में एक दूसरी चार्टिंग प्रक्रिया भी होती है, जो ट्रेन प्रस्थान से लगभग 30 मिनट पहले अपडेट हो सकती है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
अक्सर लोग मान लेते हैं कि चार्ट बनने के बाद सभी सीटें भर जाती हैं। वास्तव में, यदि इमरजेंसी कोटा (EQ) की कुछ सीटें खाली रह जाती हैं, तो सिस्टम उन्हें अंतिम समय में सामान्य यात्रियों के लिए जारी कर सकता है। कई बार यह जानकारी थर्ड-पार्टी ऐप्स पर देर से अपडेट होती है, लेकिन स्टेशन के करंट बुकिंग काउंटर पर ये सीटें उपलब्ध दिखाई दे सकती हैं।
Author Advice:
2026 में, आईआरसीटीसी ने अपनी प्रणाली को इतना तेज और उन्नत बना दिया है कि चार्ट बनने के बाद भी आप ट्रेन में बैठकर आईआरसीटीसी ऐप पर “रिक्त बर्थ (Vacant Berths)” की जानकारी देख सकते हैं।
यदि आपके पास टिकट नहीं है, तो टीटीई के आने की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं उनके पास जाकर अपनी स्थिति स्पष्ट करना सद्भावना (Good Faith) माना जाता है। इससे आपके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की संभावना कम हो सकती है।









