Kashi temple visit
नई दिल्ली, एजेंसियां। नए साल से पहले अयोध्या, काशी और वृंदावन में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। अयोध्या में रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए लगभग 2 किलोमीटर लंबी लाइनें लगी हैं, जबकि काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भी 2 किमी तक कतारें बनी हैं। वृंदावन में स्थिति महाकुंभ जैसी हो गई है, जहां पैरों रखने की जगह भी नहीं बची। भीड़ बढ़ने के कारण बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक श्रद्धालुओं से मंदिर आने से परहेज करने की अपील की है। यदि दर्शन अत्यंत आवश्यक हों तो यात्रा का कार्यक्रम व्यवस्थित करने और भीड़भाड़ से बचने की सलाह दी गई है।
भीड़ का हाल
अयोध्या में डेढ़ लाख श्रद्धालु राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के आसपास मौजूद हैं।
काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए 3 लाख लोग पहुंचे हैं।
वृंदावन में लगभग 2 लाख श्रद्धालु हैं। बरसाना, नंदगांव और मथुरा में भी भारी भीड़ देखी गई।
सुरक्षा और प्रबंधन
काशी के गोदौलिया चौक और आसपास संवेदनशील क्षेत्रों में पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
अयोध्या में राम मंदिर मार्ग पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और स्वयंसेवक लगाए गए हैं। मथुरा और वृंदावन में भारी वाहनों की एंट्री पर 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक रोक है, और विशेष पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी भारी भीड़ के कारण घरों में कैद हो गए हैं। श्रद्धालु भीड़ में प्रसाद और फूल-माला खरीदने में असमर्थ हो रहे हैं। मंदिरों के प्रशासन ने व्यवस्था और सुरक्षा को बेहतर बनाकर दर्शनार्थियों की सुविधा सुनिश्चित की है। मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने सभी से आग्रह किया है कि भीड़ को देखते हुए यदि संभव हो तो 5 जनवरी के बाद दर्शन करें, ताकि सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकें।







