Stock Market
मुंबई, एजेंसियां। बुधवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में हल्की बढ़त के बाद बाजार अचानक दबाव में आ गया। BSE Sensex करीब 435 अंक गिरकर 77,770.74 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि पिछले सत्र में यह 78,205.98 पर बंद हुआ था। इसी तरह Nifty 50 भी करीब 110 अंक फिसलकर 24,150 के आसपास ट्रेड करता नजर आया। बाजार में खासतौर पर बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स लाल निशान में पहुंच गया।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
शुरुआती कारोबार में कुछ आईटी और मेटल कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। Wipro, Tata Steel, Power Grid Corporation of India, Bajaj Finserv और Tech Mahindra के शेयरों में तेजी देखी गई।
वहीं दूसरी ओर बैंकिंग और बड़े कॉरपोरेट शेयरों में गिरावट ने बाजार पर दबाव बनाया। Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank, HDFC Bank, Reliance Industries और Apollo Hospitals के शेयर नुकसान में रहे।
एशियाई बाजारों में मजबूती
जहां भारतीय बाजार में गिरावट रही, वहीं एशियाई बाजारों में तेजी का माहौल देखने को मिला। जापान का Nikkei 225 1.36% उछला, जबकि TOPIX में 1.22% की बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का KOSPI 2.52% तक चढ़ गया, जबकि छोटे शेयरों वाला KOSDAQ 1.39% ऊपर रहा। हांगकांग का Hang Seng Index फ्यूचर्स भी करीब 25,936 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
वॉल स्ट्रीट का हाल
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। S&P 500 0.21% गिरकर 6,781.48 पर बंद हुआ। वहीं Dow Jones Industrial Average 34.29 अंक (0.07%) गिरकर 47,706.51 पर बंद हुआ। हालांकि टेक्नोलॉजी शेयरों वाला NASDAQ Composite हल्की बढ़त के साथ 22,697.10 पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का भी असर देखा जा रहा है। WTI Crude Oil करीब 83.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। वहीं Brent Crude Oil अपने पिछले उच्च स्तर 119.50 डॉलर से गिरकर अब 87–90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, International Energy Agency ने ईरान युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 182 मिलियन बैरल से अधिक तेल अपने आपात भंडार से जारी करने का प्रस्ताव दिया है। इससे वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।








