Shashi Tharoor: ‘ये बकवास बंद होनी चाहिए…’ क्रिकेट के राजनीतिकरण पर शशि थरूर का तीखा बयान

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Shashi Tharoor

नई दिल्ली, एजेंसियां। ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर राजनीति का साया गहराता जा रहा है। बांग्लादेश के बहिष्कार के बाद अब पाकिस्तान ने भी भारत के साथ मुकाबला न खेलने का ऐलान कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नाराज़गी जताते हुए क्रिकेट के राजनीतिकरण को शर्मनाक बताया है।

मीडिया से बातचीत में थरूर ने कहा, “सच कहूं तो यह बहुत शर्मनाक है कि दोनों तरफ से खेल को इस तरह राजनीति में घसीटा जा रहा है। क्रिकेट जैसा खेल, जो लोगों को जोड़ता है, उसे विवादों में फंसाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें इसे यहीं रोकना चाहिए—ये बकवास बंद होनी चाहिए।”

बांग्लादेश और पाकिस्तान पर क्या बोले थरूर?

थरूर ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के कोलकाता कॉन्ट्रैक्ट विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें खेलने से रोकना गलत था। उन्होंने माना कि बांग्लादेश की प्रतिक्रिया ज़रूरत से ज़्यादा थी, लेकिन इसके बाद पाकिस्तान का भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करना स्थिति को और बिगाड़ रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे मामला हाथ से निकलता जा रहा है। क्रिकेट को मैदान पर लोगों को जोड़ने का जरिया बनना चाहिए, न कि तोड़ने का।”

ICC से हस्तक्षेप की मांग

शशि थरूर ने सुझाव दिया कि ICC को तुरंत पहल करनी चाहिए और सभी संबंधित पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना चाहिए।
“यह सभी के लिए एक वेक-अप कॉल है। ICC एक प्लेटफॉर्म बन सकता है, जहां इमरजेंसी बेसिस पर बातचीत हो और इस विवाद का हल निकले।”

कांग्रेस में अलग-अलग राय

जहां थरूर ने खेल को राजनीति से दूर रखने की बात कही, वहीं कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया। सांसद इमरान प्रतापगड़ी और इमरान मसूद ने सवाल उठाया कि भारत को पाकिस्तान के खिलाफ खेलने पर विचार ही क्यों करना चाहिए और BCCI को देश के सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए।

पाकिस्तान का बहिष्कार और ICC की चेतावनी

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलेगा, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करेगा। इस फैसले पर ICC ने नाराज़गी जताई है और PCB को गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा है।

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