मुंबई, एजेंसी : घरेलू क्रिकेट की दिग्गज मुंबई ने आठ साल का इंतजार खत्म करते हुए अपना ही रिकॉर्ड बेहतर करके 42वीं बार रणजी ट्रॉफी खिताब जीता ।
फाइनल के पांचवें और आखिरी दिन मेजबान ने विदर्भ को 169 रन से हराया । टूर्नामेंट के इतिहास में 90 में से 48वीं बार मुंबई फाइनल में पहुंची थी ।
वानखेड़े स्टेडियम पर खेले गए फाइनल का नतीजा लगभग उसी समय तय हो गया था जब विदर्भ को 538 रन का लगभग नामुमकिन सा लक्ष्य मिला था।
दरअसल, रणजी ट्रॉफी 2024 के फाइनल में मुंबई द्वारा मिले 538 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विदर्भ टीम के कप्तान अक्षय वाडेकर (Akshay Wadkar) ने 199 गेंदों का सामना करते हुए 102 रन की पारी खेली।
उनकी पारी में 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। अक्षय विदर्भ को जीत दिलाने का अपनी तरफ से पूरा प्रयास करते हुए नजर, लेकिन तुषार कोटियन ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट किया।
उनके अलावा हर्ष दुबे के बल्ले से 65 रन निकले। आदित्य सरवाते, यश ठाकुर और उमेश यादव सस्ते में पवेलियन लौटे।
मुंबई टीम के बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों का प्रदर्शन बेहद ही शानदार रहा। फाइनल मुकाबले में विदर्भ के खिलाफ मुंबई की तरफ से तनुष कोटियन ने दोनों पारियों को मिलकर कुल 7 विकेट झटके।
पहली पारी में उन्होंने 3 विकेट हासिल किए, जबकि दूसरी पारी में तनुष को 4 विकेट मिले। मुशीर खान ने दूसरी पारी में गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट झटके।
मुंबई टीम रणजी ट्रॉफी 2024 के फाइनल में पहली पारी में 224 रन पर ढेर हो गई थी। पहली पारी में मुंबई की तरफ से शार्दुल ठाकुर ने सबसे ज्यादा 75 रन बनाए थे।
विदर्भ टीम की तरफ से पहली पारी में हर्ष दुबे और यश ठाकुर ने 3-3 विकेट, जबकि उमेश को 2 और आदित्ये को एक सफलता मिली थी।
इसके बाद मुंबई की दूसरी पारी में खराब शुरुआत के बाद मुशीर खान का बल्ला जमकर गरजा। मुशीर ने 326 गेंदों का सामना करते हुए 136 रन की पारी खेली।
कप्तान अंजिक्ये रहाणे 73 रन बनाकर आउट हुए। श्रेयस अय्यर के बल्ले से 95 रन निकले। शम्स मुलानी ने अर्धशतक जड़ा।
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