नई दिल्ली, एजेंसियां। हर वर्ष आईपीएल में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। क्रिकेट के इस मेले से हर कोई मालामाल होता है।
खिलाड़ी हो या फ्रैंचाईजी या फिर ब्रॉडकास्टर्स, आईपीएल के दौरान ये सभी खुब रुपया बटोरते हैं।
अगर बात करें खिलाड़ियों की, तो अधिकांश आईपीएल सीजन में देखा गया है कि सबसे महंगा बिकने वाला खिलाड़ी विदेशी मूल का होता है, लेकिन क्या वे अपनी कीमत को खेल के द्वारा चुका पाते हैं।
2024 के आईपीएल ऑक्शन में ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क सबसे महंगे बिके थे। स्टार्क को केकेआर ने 24 करोड़ 75 लाख रुपयों में खरीदा था।
कहा गया कि स्टार्क अनुभवी हैं और ऐसा तेज गेंदबाज ढूंढना मुश्किल है। कोलकाता ने इस सीजन में अबतक 13 मैच खेले हैं।
वहीं स्टार्क ने कुल 11 मैच खेले। स्टार्क का अब तक का परफॉर्मेंस उनकी कीमत को बैलैंस नहीं कर पाया है।
उन्होंने 11 मैचों में कुल 12 विकेट चटकाए है और 11.37 की औसत से रन लुटाया है। दूसरी और केकेआर के ही तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने 10 मैच खेलकर 16 विकेट अपने नाम किया है। हर्षित को केकेआर ने मात्र 20 लाख रुपयों में खरीदा था।
आईपीएल 2024 के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी पैट कमिंस हैं। वे 20 करोड़ 50 लाख की कीमत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद में शामिल हुए थे।
हालांकि हैदराबाद ने उन्हें गेंदबाज के साथ-साथ एक कप्तान के रुप में भी खरीदा था। बतौर कप्तान वह हैदराबाद को 13 में से सात मैच जिता चुके हैं, लेकिन एक गेंदबाज के तौर पर वे विफल रहे हैं।
उन्होंने 12 मैच में 14 विकेट अपने नाम किये हैं। आईपीएल 2024 के दस सबसे महंगे खिलाड़ियों की सूची में सात खिलाड़ी विदेशी हैं।
अगर हम इन विदेशी खिलाड़ियों की तुलना भारतीय खिलाड़ियों से करें तो अंतर साफ नजर आएगा।
इस सीजन के ऑक्शन में हर्षल पटेल भारतीय मूल के सबसे महंगे खिलाड़ी थे। पंजाब किंग्स ने हर्षल को 11.0 करोड़ में खरीदा था।
13 मैच खेलने के बाद हर्षल पटेल सीजन के पर्पल कैप होल्डर हैं। 13 मैच में उन्होंने कुल 22 विकेट चटकाएं हैं।
50 लाख की कीमत पर केकेआर के लिए खेलने वाले रिंकू सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए भारतीय टीम में चयनित हुए शिवम दुबे को सीएसके ने चार करोड़ में खरीदा था।
शिवम टीम को अब तक कई मैच जिता चुके हैं। 13 मैच खेलने के बाद उन्होंने 38 के एवरेज से 389 रन बनाए हैं।
वहीं उनका स्ट्राइक रेट 170 का रहा है। ये चीजें साबित करती हैं कि भारतीय खिलाड़ी कम पैसे में भी अव्वल प्रदर्शन कर रहे हैं।
वहीं विदेशी खिलाड़ी केवल अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव के नाम पर मोटा पैसा बटोर कर ले जाते हैं। चाहे भारतीय पिचों पर उनका खेल शून्य ही क्यों ना हो।
इसे भी पढ़ें
कल मैं बीजेपी हेड क्वार्टर जाऊंगा, जिसे जेल में डालना है डाल देः केजरीवाल









