दिल्ली में सीएसके का मैच नहीं होने से प्रशंसकों में निराशा, धोनी को नहीं देख पाने की मायूसी

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नयी दिल्ली: दिल्ली कैपिटल्स की टीम इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा सत्र में पहली बार शनिवार को यहां जब अपने घरेलू मैदान (अरुण जेटली स्टेडियम) पर सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच के लिए उतरी तो प्रशंसकों को इससे बड़ी शिकायत थी कि वह अपने चहेते खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी और उनकी टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को इस मैदान पर नहीं देख पायेंगे।

दिल्ली कैपिटल्स ने अपने शुरुआती दो मैचों को विशाखापत्तनम के मैदान पर खेला था। टीम ने इस मैदान पर सीएसके और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ मैच खेले थे।

झारखंड के धनबाद की रेखा मुंड़ा अपने बच्चों के साथ यहां दिल्ली और सनराइजर्स हैदराबाद का मैच देखने पहुंची।

उनके दोनों बेटे धोनी की जर्सी में थे। 12 साल का अथर्व धोनी के नाम वाली भारतीय टीम की जर्सी में था तो वही नौ साल का अभिषेक धोनी की सीएसके की जर्सी में था।

रेखा के पति रमेश मुंडा दिल्ली के एक सरकारी दफ्तर में कार्यरत है ।

रेखा ने कहा, ‘‘ मेरे पति जिला स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं और मेरे दोनों बेटे यहां एक अकादमी में क्रिकेट का प्रशिक्षण लेते हैं।

धोनी झारखंड की शान और सबसे बड़े सितारे हैं। मेरे परिवार के लिए धोनी से बड़ा कुछ भी नहीं है।

आईपीएल के कारण साल में एक बार हमें यहां धोनी को खेलते हुए देखने का मौका मिला जाता था लेकिन इस बार यह सपना पूरा नहीं हो पायेगा।’’

मां की बात को बीच में काटते हुए अथर्व ने कहा, ‘‘ पापा ने हमसे वादा किया है कि वह हमें धर्मशाला (पंजाब किंग्स के खिलाफ पांच मई को) ले जायेंगे ताकि हम धोनी को खेलते हुए देख सकें।’’

धोनी की सीएसके जर्सी में पहुंचे एक और प्रशंसक पुष्कर राज ने कहा, ‘‘ धोनी को भारतीय टीम के लिए संन्यास से वापसी करने के बारे में सोचना चाहिये।

वह जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे हैं उससे भारतीय टीम को टी20 विश्व कप में काफी फायदा होगा।

वह बल्लेबाजी ही नहीं विकेट के पीछे अपनी चाणक्य नीति से किसी भी समय मैच का रूख बदलने का माद्दा रखते हैं।’’

प्रशंसकों को उम्मीद है कि धोनी कम से कम कुछ सत्र तक आईपीएल खेलेंगे।

चांदनी चौक से मैच देखने आये रोहित भारद्वाज ने कहा, ‘‘ धोनी को नहीं देखने की कसक है लेकिन उम्मीद है कि वह अभी कुछ और सत्र खेलना जारी रखेंगे और हम जैसे प्रशंसक अगली बार उन्हें खेलते हुए देखेंगे। ’’

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