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नई दिल्ली, एजेंसियां। सोशल मीडिया पर Ghibli स्टाइल इमेज बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अब एआई का इस्तेमाल आधार और पैन कार्ड जैसी महत्वपूर्ण दस्तावेजों के फेक वर्शन बनाने में भी होने लगा है। चैटजीपीटी और अन्य एआई ऐप्स के माध्यम से नकली आधार और पैन कार्ड इतने वास्तविक दिख रहे हैं कि इन्हें पहचान पाना मुश्किल हो गया है।
Social media: एलन मस्क के नकली पैन कार्ड की तस्वीरें हुई वायरल
हाल ही में, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और टेस्ला के मालिक एलन मस्क के नकली पैन कार्ड की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इसके साथ ही, प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ आर्यभट्ट के भी पैन और आधार कार्ड बनाए गए हैं। यह दिखाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग किस हद तक बढ़ चुका है।
Social media: कैसे करें नकली पैन कार्ड की पहचान?
इन नकली कार्ड्स की पहचान करने के लिए, आधार कार्ड में 12 अंकों का एक विशिष्ट संख्या होती है, जबकि पैन कार्ड में 10 डिजिट का एक कोड होता है। इसके अलावा, आधार और पैन कार्ड में QR कोड होते हैं जिनके माध्यम से इनकी सत्यता की जांच की जा सकती है।
इन कार्ड्स का वेरिफिकेशन सिर्फ सर्टिफाइड स्कैनर्स द्वारा किया जा सकता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि सिर्फ प्रामाणिक संस्थाएं ही इन्हें जांच सकें। यहां तक कि कुछ विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि एआई का इस्तेमाल कुछ हद तक ही होना चाहिए, क्योंकि इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
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