Account hacking risk
नई दिल्ली, एजेंसियां। दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp और Signal के करोड़ों यूजर्स के लिए नई साइबर सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि यूजर्स की एक छोटी सी गलती उनके अकाउंट को हैकर्स के हाथों में पहुंचा सकती है। नीदरलैंड की खुफिया एजेंसी Dutch General Intelligence and Security Service ने इस नए साइबर हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, रूसी हैकर्स खास तौर पर सरकारी अधिकारियों, सेना से जुड़े लोगों और पत्रकारों को निशाना बना रहे हैं।
ऐसे करते हैं यूजर्स को टारगेट
सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक हैकर्स पहले यूजर्स से चैटिंग शुरू करते हैं और खुद को किसी भरोसेमंद व्यक्ति या सपोर्ट स्टाफ के रूप में पेश करते हैं। बातचीत के दौरान वे यूजर की निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। इसके बाद हैकर्स यूजर्स को धोखे से उनका वेरिफिकेशन कोड या ओटीपी शेयर करने के लिए मना लेते हैं। कोड मिलते ही वे अकाउंट का कंट्रोल हासिल कर लेते हैं और फिर उस पर नजर रखने लगते हैं।
इसके अलावा हैकर्स ऐप के “लिंक्ड डिवाइस” फीचर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जरिए वे किसी दूसरे डिवाइस को यूजर के अकाउंट से लिंक कर देते हैं और फिर उनके चैट्स तक पहुंच बना लेते हैं।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन भी नहीं बचा पाता
विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों ऐप्स में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा मौजूद है, जिससे मैसेज केवल भेजने और पाने वाले यूजर ही पढ़ सकते हैं। लेकिन अगर कोई यूजर खुद अपना वेरिफिकेशन कोड हैकर्स को दे देता है, तो यह सुरक्षा भी बेअसर हो जाती है।
यूजर्स के लिए जरुरी सलाह
- किसी के साथ भी OTP या वेरिफिकेशन कोड साझा न करें
- किसी भी अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें
- ऐप में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर ऑन रखें
- अकाउंट में संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पासवर्ड बदलें
विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर यूजर्स अपने अकाउंट को साइबर हमलों से सुरक्षित रख सकते हैं।








