Jyotirlinga Shaktipeeth location
अमरावती, एजेंसियां। भारत में हजारों मंदिर, शक्तिपीठ और पवित्र स्थल हैं, लेकिन एक ऐसी दिव्य भूमि भी है जहां भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग और देवी शक्ति का शक्तिपीठ एक ही परिसर में स्थित है। यह स्थान है आंध्र प्रदेश का श्रीशैलम, जो करोड़ों भक्तों के लिए आध्यात्मिक शक्ति और अद्भुत ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। क्रौंच पर्वत, नल्लामाला के घने जंगल और कृष्णा नदी से घिरा यह स्थल प्राकृतिक सौंदर्य और पवित्रता का अद्भुत मेल है।
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग—शिव के 12 पवित्र रूपों में एक
श्रीशैलम का प्रमुख मंदिर मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर है, जिसे 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं यहां प्रकट हुए थे पुत्र कार्तिकेय को मनाने के लिए। भक्तों का मानना है कि यहां दर्शन करने से आत्मिक शांति, संतोष और मानसिक ऊर्जा मिलती है। मंदिर की पवित्रता और आसपास की दिव्य शांति हर आगंतुक को भीतर तक छू जाती है।
मां भ्रमराम्बा शक्तिपीठ—18 महाशक्ति पीठों में शामिल
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के बिल्कुल समीप स्थित है भ्रमराम्बा देवी का शक्तिपीठ। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी स्थल पर माता सती की गर्दन गिरी थी। यहां देवी को “भ्रमराम्बा” मधुमक्खियों की रानी के रूप में पूजा जाता है। भक्त मानते हैं कि यहां पूजा-अर्चना करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सुरक्षा व कल्याण मिलता है।
प्राकृतिक सुंदरता और दिव्यता का संगम
श्रीशैलम सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से भी बेहद खूबसूरत है। घने नल्लामाला जंगल, गहरी घाटियां, कृष्णा नदी का मनमोहक किनारा और प्राचीन अक्कमहादेवी गुफाएं इस स्थान को रहस्यमय और शांत बनाती हैं। इसके अलावा 70 किलोमीटर लंबी गिरिप्रदक्षिणा यहां की अनोखी परंपरा है, जिसे भक्त साल में एक बार जरूर करते हैं।







