Ranchi cycling league
रांची। रांची के खेलगांव स्थित सिद्धू-कान्हू वेलोड्रम स्टेडियम में 27 और 28 फरवरी 2026 को दो दिवसीय खेलो इंडिया अस्मिता वूमेन साइकिलिंग ईस्ट जोन लीग का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिला साइकिलिस्टों को प्रतिस्पर्धात्मक खेलों में आगे बढ़ाना और साइकिलिंग को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।
पूर्वी क्षेत्र की महिला साइकिलिस्टों के लिए सुनहरा मंच
झारखंड साइकिलिंग एसोसिएशन के महासचिव और भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन के संयुक्त सचिव शैलेंद्र पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह लीग पूर्वी क्षेत्र की महिला खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। प्रतियोगिता का लक्ष्य महिलाओं को खेलों में सक्रिय करना और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है। इस अवसर पर तकनीकी समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेठ, उपाध्यक्ष सुजीत कुमार, कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह और पूर्व साइकिलिंग प्रशिक्षिका सतविंदर कौर भी मौजूद थे।
कुल पांच इवेंट, 450 महिला साइकिलिस्ट
इस दो दिवसीय लीग में बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मणिपुर, ओडिशा और झारखंड की लगभग 450 महिला साइकिलिस्ट भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में कुल पांच इवेंट होंगे, जिनमें ट्रैक साइकिलिंग की विभिन्न स्पर्धाएं शामिल हैं। प्रतियोगिता की तकनीकी शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने 30 से अधिक तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति की है, जो सभी स्पर्धाओं की निगरानी करेंगे।
उद्घाटन और समापन समारोह में गणमान्य अतिथि
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा विजय हंसदा, जयराम महतो समेत कई जनप्रतिनिधि और खेल जगत के गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। समापन समारोह में झारखंड के खेल मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और कांग्रेस नेता अनुपमा सिंह समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे।
झारखंड के लिए गौरव और महिला साइकिलिंग को नई दिशा
आयोजकों के अनुसार, रांची में अंतरराष्ट्रीय स्तर के वेलोड्रम स्टेडियम में इस प्रकार की बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन राज्य के लिए गर्व की बात है। यह न केवल स्थानीय खिलाड़ी को प्रेरित करेगा, बल्कि झारखंड को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाने में मदद करेगा। इससे महिला साइकिलिंग को नई दिशा मिलेगी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने हुनर को दिखाने का अवसर मिलेगा।








