Santosh Gangwar
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने तिरंगा फहराया। 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण पुरस्कार के लिए चुना जाना राज्य के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार उनके अद्वितीय योगदान का सम्मान है। इस मौके पर मैं भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
झारखंड में अवसरों की कमी नही
उन्होंने कहा कि हमारा झारखंड आज प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। राज्य में अवसरों की कोई कमी नहीं है। चाहे आधारभूत संरचना में निवेश की बात हो, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की बात हो, उद्योग धंधों में नवाचार की बात हो, शिक्षा एवं राज्य के क्षेत्र में सुधार का कार्य हो या कृषि के क्षेत्र में नए सुधारों को लागू करने की बात हो।
आज हर क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि झारखंड अपने संसाधनों के कारण रत्नगर्भा कहलाता है। यह धरती न केवल सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दे रही है बल्कि राष्ट्र को नई दिशा भी प्रदान कर रही है।
देश के विकास की यात्रा में झारखंड निभाएगा भूमिका
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्राकृतिक एवं खनिज संपदा युवा शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला झारखंड इस ऐतिहासिक विकास यात्रा में एक अग्रणी भूमिका निभाएगा।
पेसा नियमावली लागू होने से वंचितों को मिला अधिकारः राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित रखते हुए हम राज्य को विकास के पद पर आगे ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पैसा नियमावली 2025 को अधिसूचित कर दिया गया है।
राज्य में जनजातीय समुदाय की अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा की दिशा में पैसा नियमावली मिल का पत्थर साबित होगी।
राज्य में जनजातीय समुदाय की अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा की दिशा में पैसा नियमावली मिल का पत्थर साबित होगी।
इसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक व्यवस्था को सशक्त बनाना और सुशासन को मजबूत करना है। पैसा नियमावली 2025 में प्राकृतिक और सामुदायिक संसाधनों पर ग्राम सभा के अधिकार को स्पष्ट किया है। राज्य में जनजातीय समुदाय की अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा की दिशा में पैसा नियमावली मिल का पत्थर साबित होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा
77 में गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्य में संभावनाओं की बात करते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा राज्य में जहां एक और सुख लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित कर अर्थव्यवस्था के संतुलित समावेशी एवं तीव्र विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर कृषि और सामाजिक वानिकी जैसे छात्रों को प्रोत्साहित कर अर्थव्यवस्था में विविधता लाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के माध्यम से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा की अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए प्रगतिशील सोच के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य है। जनता की सहभागिता एवं रचनात्मक सहयोग से हम झारखंड के नवनिर्माण के रास्ते में आने वाली हर चुनौती का सामना करने में सक्षम होंगे। गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर हम सभी एक समृद्ध खुशहाल और सशक्त झारखंड का निर्माण करने के लिए एकजुट होकर प्रयत्न करने का संकल्प लें।
15 प्लाटून में छत्तीसगढ़ पुलिस की पहली बार परेड
मोरहाबादी मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कुल 15 प्लाटून परेड निकाली। इसमें पहली बार छत्तीसगढ़ पुलिस की भी प्लाटून शामिल हुई। राज्य पुलिस के साथ पहली बार महिला पुलिस की तीन टुकड़ियां भी शामिल हुईं। इसके अलावा झारखंड पुलिस की 10 महिला बटालियन, गृह रक्षक और एनसीसी की टुकड़ी भी परेड में भाग लिया। 77वें गणतंत्र दिवस के परेड में कुल 4 बैंड भी थे, जिसमें एक बैंड 10 महिला पुलिस की टीम शामिल रही। इस मौके पर राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा झांकियां भी निकाली गईं।













